जिले में एक ऐसा गांव है, जहां आजादी के बाद पहली बार शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस गांव में अब नक्सलियों का राज चलता था, वो ग्रामीणों को डरा-धमका कर स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाने देते थे। शुक्रवार को एडिशनल एसपी उदय किरण के साथ कई पुलिस अधिकारी गांव में पहुंचे। लोगों से बात-चीत की। पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांव के चौराहे पर तिरंगा फहराया गया।
कार्यक्रम स्थल के आस-पास बम स्क्वॉड ने तलाशी ली। पुलिस को आज यहां नक्सल हमले की आशंका थी मगर सुरक्षित माहौल में यहां तिरंगा फहराया गया।
तेज बारिश के बीच आजादी का उत्साह बरकरार
सुबह से गांव में फोर्स के लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। कोरोना संक्रमण के खतरे और नक्सल डर के बीच भी गांव वाले पूरे उत्साह में नजर आए। पुलिस भी लोगों को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल करवाने में कामयाब रही। कार्यक्रम शुरू होते ही बारिश होने लगी। देखते ही देखते बारिश तेज हो गई, मगर लोग अपनी जगह से टस से मस नहीं हुए। सभी छाते लेकर तिरंगे के सामने खड़े रहे। गांव के स्कूली बच्चे भी यहां पहुंचे जन-गण-मण गीत गाकर, जय हिंद और भारत माता के जयकारे लगाए गए।
अब तक यहां फहराया जाता था काला झंडा
नक्सली देश की आजादी और संविधान को नहीं मानते। इस गांव और इसके आस-पास के हिस्सों में अब तक नक्सली काला झंडा फहराते थे। कथित क्रांति के गीत गाया करते थे, जो मौजूदा सिस्टम और सरकारी तंत्र के खिलाफ होते थे। पिछले कुछ वक्त में बस्तर के ऐसे ही अंदरूनी गांव में फोर्स की पैठ बढ़ी है। ग्रामीण भी नक्सलियों का साथ देने की बजाए पुलिस के साथ हैं। अकेले दंतेवाड़ा जिले में ही दो महीने के भीतर 70 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इस क्षेत्र में पुलिस ने सरेंडर के लिए अभियान भी चला रखा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/independence-day-was-celebrated-for-the-first-time-after-independence-in-marjum-village-chhattisgarh-of-dantewada-127619961.html
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