शिकार के लिए हाई टेंशन से हुकिंग तार की चपेट में आने से हाथी की मौत

सूरजपुर में प्रतापपुर रेंज के जंगल में जानवरों का शिकार करने बिछाए गए तरंगित तार की चपेट में आने से हाथी मौत हो गई। उधर पहुंचे ग्रामीणों ने हाथी का शव देखा तो सूचना वन अफसरों को दी। बताया जा रहा है कि वेटनरी और वन विभाग के डॉक्टरों ने जायजा लिया तो घटना स्थल से 25 मीटर दूर बिछा तार मिला। उन्होंने बताया कि करंट लगने से हाथी की सड़ू से खून निकला है। अब बिलासपुर से डॉग स्क्वायड और एपीसीसीएफ के आने के बाद सोमवार को पीएम कराने का निर्देश दिया गया है।
जानकारी के अनुसार प्रतापपुर रेंज मुख्यालय से सरहरी मार्ग में करंजवार जंगल के समीप स्थित एफसीआई गोदाम से महज तीन सौ मीटर दूर जंगल में ग्रामीणों ने रविवार सुबह हाथी का शव देखा। इसकी जानकारी मिलने ही वन अमला मौके पर पहुंचा। इस दौरान आसपास का मुआयना करने पर शव से 25 मीटर दूर बिछाया गया जीआई तार तार दिखा। जिसे जंगल से गुजरी हाई टेंशन लाइन से हुकिंग कर किया गया था। हालांकि जब अधिकारी पहुंचे तो हुकिंग नहीं थी। डाॅक्टरों ने शव देखने के बाद करंट लगने से मौत की आशंका जताई है। बता दें कि इलाके के आदिवासी जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए हाई टेंशन लाइन से तार हुकिंग कर जंगली जानवरों का शिकार करते हैं।

तीन महीने के भीतर चौथे हाथी की मौत
प्रतापपुर रेंज में तीन माह के भीतर ये चौथे हाथी की मौत हुई है। इससे पहले एक हाथी का सड़ी लाश मिली थी। इसके बाद दो दिन के भीतर दो हथिनी की मौत गणेशपुर इलाके के जंगल में हुई थी। उसके बाद बलरामपुर इलाके के राजपुर रेंज में एक हाथी की मौत हुई थी, जिसकी सूचना भी सप्ताह भर बाद वन अमले को मिली थी। इस लापरवाही पर बलरामपुर डीएफओ, राजपुर रेंजर, एसडीओ सहित वन रक्षक को सस्पेंड किया गया था।

सूरजपुर में प्रतापपुर रेंज के जंगल में जानवरों का शिकार करने बिछाए गए तरंगित तार की चपेट में आने से हाथी मौत हो गई। उधर पहुंचे ग्रामीणों ने हाथी का शव देखा तो सूचना वन अफसरों को दी। बताया जा रहा है कि वेटनरी और वन विभाग के डॉक्टरों ने जायजा लिया तो घटना स्थल से 25 मीटर दूर बिछा तार मिला। उन्होंने बताया कि करंट लगने से हाथी की सड़ू से खून निकला है। अब बिलासपुर से डॉग स्क्वायड और एपीसीसीएफ के आने के बाद सोमवार को पीएम कराने का निर्देश दिया गया है।
जानकारी के अनुसार प्रतापपुर रेंज मुख्यालय से सरहरी मार्ग में करंजवार जंगल के समीप स्थित एफसीआई गोदाम से महज तीन सौ मीटर दूर जंगल में ग्रामीणों ने रविवार सुबह हाथी का शव देखा। इसकी जानकारी मिलने ही वन अमला मौके पर पहुंचा। इस दौरान आसपास का मुआयना करने पर शव से 25 मीटर दूर बिछाया गया जीआई तार तार दिखा। जिसे जंगल से गुजरी हाई टेंशन लाइन से हुकिंग कर किया गया था। हालांकि जब अधिकारी पहुंचे तो हुकिंग नहीं थी। डाॅक्टरों ने शव देखने के बाद करंट लगने से मौत की आशंका जताई है। बता दें कि इलाके के आदिवासी जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए हाई टेंशन लाइन से तार हुकिंग कर जंगली जानवरों का शिकार करते हैं।

जल्द आरोपियों को पकड़ा जाएगा
हाथी की मौत करंट से हुई है। उसके शव से कुछ ही दूरी पर तार मिला है। सोमवार को बिलासपुर से डॉग स्क्वायड और एपीसीसीएफ आने के बाद पीएम होगा। आरोपियों तक पहुंचने मुखबीर लगा दिया गया है। हाथी प्यारे दल का नहीं लगता है। -जेआर भगत, डीएफओ, सूरजपुर



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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/elephant-dies-due-to-hooking-wire-from-high-tension-for-hunting-127622906.html

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