सेना और अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट व हेलमेट का छत्तीसगढ़ में निर्माण होगा। दुर्ग के बिरेभांठ में फैक्ट्री लगाई जाएगी। इसके लिए सोमवार को सीएम हाउस में सीएम भूपेश बघेल की मौजूदगी में उद्योग विभाग और दुर्ग की एटमास्टको कंपनी के बीच एमओयू हुआ। कंपनी 87.50 करोड़ निवेश करेगी। इससे 150 लोगों काे रोजगार मिलेगा। नवंबर से उत्पादन शुरू हो जाएगा। पहले चरण में एक-एक लाख बुलेट प्रूफ जैकेट व हेलमेट का उत्पादन होगा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में रक्षा उद्योग से जुड़ी यह पहली ईकाई है। रक्षा उद्योग के लिए सरकार ने पहले ही उद्योग नीति में कई प्रावधान किए हैं। इस एमओयू के बाद और भी उद्योग रुचि दिखा सकते हैं।
सीएम हाउस में एक छोटे से समारोह में उद्योग विभाग की ओर से प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ और एटमास्टको कंपनी के एमडी एस. स्वामीनाथन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इस दौरान सीएम बघेल के साथ उद्योग मंत्री कवासी लखमा भी मौजूद थे। रक्षा उत्पादों की यह इकाई दुर्ग के बिरेभांठ गांव में स्थापित की जाएगी। सीएम बघेल ने इस इकाई की स्थापना के लिए एटमास्टको और उद्योग विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। प्रमुख सचिव पिंगुआ ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति में रक्षा श्रेणी के उद्योगों को उच्च प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाली इस प्रथम इकाई के लिए डीआरडीओ से तकनीकी के लिए अनुबंध किया गया है।
एटमास्टको लिमिटेड के एमडी स्वामीनाथन ने बताया कि इस इकाई में नवम्बर तक उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान सीएस आरपी मंडल, एसीएस सुब्रत साहू, सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, डॉ. कमलप्रीत सिंह, उद्योग संचालक अनिल टुटेजा, सीएसआईडीसी के एमडी अरूण कुमार, विशेष सचिव वीके छबलानी, सीएम सचिवालय की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया, एटमास्टको के डायरेक्टर वेंकटारमन, वाइस प्रेसीडेंट केएल बालासुब्रमणियम उपस्थित थे।
केंद्र सरकार ने 5 मई को दी है अनुमति
एटमास्टको कंपनी ने लाइसेेंस और एग्रीमेंट के तहत डिफेंस टेक्नाेलॉजी हेतु भारत सरकार से 25 मार्च 2019 को अनुबंध किया है। इसके तहत स्थापित होने वाली इस इकाई को भारत सरकार की विभिन्न सशस्त्र सेनाओं थल सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ और राज्य सरकार के सशस्त्र बलों हेतु बुलेटप्रूफ जैकेट व हेलमेट निर्माण हेतु 5 मई 2020 को अनुमति जारी की गई है। भारत सरकार द्वारा इस उद्योग की स्थापना के लिए मिले लाइसेंस के आधार पर एमओयू किया गया। एटमास्टको कंपनी 35 साल से कार्यरत है। इसमें वर्तमान में हैवी फेब्रीकेशन ब्रिज आदि का निर्माण होता है। इसमें लगभग 600 लोग जुड़े हुए हैं। अब कंपनी ने रक्षा उद्योग में काम शुरू किया है। इसके लिए अच्छी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ का चयन किया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/now-bullet-proof-jackets-and-helmets-for-army-personnel-will-be-made-in-chhattisgarh-factory-will-open-in-durg-127625931.html
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