मोहला जनपद पंचायत की सदस्य व समाज सेवी नम्रता सिंह ने मक्का किसानों के गोपनीय रूप से हो रहे पंजीयन को सभी किसानों तक उचित माध्यम से जानकारी देने के मांग करते हुए शासन कि मंशा पर सवाल उठाए हैं। नम्रता ने विगत वर्ष के मक्का फसल कि खरीदी नहीं कर पाने को प्रशासन की नाकामी बताया है। विदित हो कि मक्का किसानों की पिछली फसल को राज्य सरकार नहीं खरीद पाई थी जिस कारण किसानों को अपनी फसल को बहुत कम दाम में खुले मार्केट में बेचना पड़ा था।
नम्रता ने कांग्रेस को किसानों विरोधी पार्टी बताया है तथा समर्थन मूल्य के नाम पर चार किस्तों में पैसे देने की बात को किसानों के साथ छल करने की बात कही है। दूसरी फसल के रूप में छत्तीसगढ़ के किसान मक्के फसल पैदा करते हैं। जिस फसल से किसान को आर्थिक मदद मिलती है। जबकि धान की फसल से पूरे वर्ष भर का राशन मिलता है। ऐसे में सरकार के द्वारा मक्का खरीदा नहीं जाना या गोपनीय रूप से पंजीयन कर वास्तविक किसानों की संख्या को इससे दूर रखना गलत है। नम्रता ने गोटाटोला, माहूद, औंधी आदि के किसानों ने मक्के के फसल के खरीदी पंजीयन कि जानकारी नहीं होने की जानकारी दी है। ऐसे में श्रीमती सिंह के द्वारा मांग की गई है कि क्षेत्र के हर गांव तक पंजीयन की जानकारी उचित माध्यम से पहुंचाया जाए और प्रत्येक किसान को पंजीयन का मौका दिया जाए।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/rajnandgaon/news/why-registering-crops-in-a-confidential-way-namrata-singh-127660810.html
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