चेरपाल गांव में मंगवाल को नाराज ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का घेराव कर दिया। पिछले कई दिनों से लोग यहां डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ के मौजूद ना रहने से परेशान हैं। लोगों ने बताया कि सामान्य सर्दी खांसी में भी कोरोना की जांच करने का दबाव बना दिया जाता है। जरुरी दवाएं और मदद सही समय पर नहीं मिल पाती। एक दिन पहले गांव से जिस लड़के को कोरोना पॉजिटिव बताकर दूसरे अस्पताल भेजा गया, उसे भी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
ग्रामीणों के आक्रोश की खबर कलेक्टर रितेश अग्रवाल को मिलते ही उन्होंने एक्शन लिया। स्वास्थ्य विभाग से कहा कि चेरपाल में फौरन डॉक्टर को भेजा जाए। उन्होंने अब खुद यहां की स्वास्थ्य सुविधा की निगरानी करने की बात कही। चेरपाल गांव के रहने वाले सुनिल दुर्गम ने बताया कि इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन डॉक्टर पदस्थ हैं। मगर कई बार इनमें से एक भी नहीं मिलते। प्रदर्शन के वक्त भी यहां कोई नहीं था। हंगामे को देखते हुए डिप्टी कलेक्टर अमित नाथ योगी और बीएमओ आदित्य साहू मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की और इनकी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कोरोना संक्रमित पाए गए लोगों के उचित देखभाल का भरोसा दिलाया तब ग्रामीण शांत होकर घरों को लौटे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/chhattisgarh-rural-angry-over-lack-of-health-facilities-in-bijapur-cherpal-village-127626671.html
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