राजधानी की हवा एक हफ्ते में 30% तक साफ, एयर क्वालिटी इंडेक्स 43 तक पहुंचा

लॉकडाउन के एक हफ्ते में कुछ अच्छा हुआ या नहीं, इस पर सवाल जरूर हैं लेकिन इस दौरान राजधानी की हवा जरूर 30 फीसदी तक शुद्ध हो गई है। यह आंकड़े बता रहे हैं कि सड़कों पर वाहन नहीं के बराबर होने तथा शहर के भीतर की छोटी-छोटी प्रदूषक इकाइयां बंद होने की वजह से हवा में कार्बन और अन्य रासानियक गैसों की मात्रा घट गई। निर्माण कार्य रुके तो हवा में पीएम 2.5 और पीएम-10 (धूल के कण) की मात्रा भी घट गई। इस वजह से शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स जो सितंबर में औसतन 60 रहता है, सोमवार को रविवार को 43 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन खुलने के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स में धीरे-धीरे वृद्धि होगी और दो-तीन दिन में एयर क्वालिटी 60 के मानक के आसपास पहुंच जाएगी।
सितंबर में आमतौर पर रायपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स कम रहता है, यानी हवा कुछ साफ रहती है। ऐसा बारिश के कारण होता है। मानसून में निर्माण कार्य भी बंद रहते हैं, सड़कें गीली होती हैं, इसलिए गाड़ियां चलने के कारण धूल कम उड़ती है। इसी समय, 22 सितंबर से रायपुर में लॉकडाउन भी हो गया। इस वजह से हवा में प्रदूषण तेजी से गिरा और इन सात दिनों में औसत 40 से 45 के बीच रिकार्ड किया गया। पर्यावरण विभाग के मापदंड के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स 50 से कम रहने पर वातावरण में प्रदूषण के स्तर को अच्छा माना जाता है।
70 फीसदी इसलिए कम नहीं : रविवि के रसायन विभाग के प्रोफेसर डा. शम्स परवेज ने बताया कि रायपुर में सभी तरह की गतिविधियां थमने की वजह से प्रदूषण का स्तर 30 से 35% तक कम होता है, लेकिन 65 से 70% स्थिर रहता है। इसकी वजह यह है कि हवा एक जगह से दूसरे जगह ट्रैवल करती है।यही नहीं, शहर में ड्रैनेज और कूड़ा इत्यादि से भी कई तरह की रासायनिक गैसें निकलती रहती हैं। आउटर में अब भी लकड़ी-कंडे जलाए जाते हैं। इस वजह से वातावरण में सभी गतिविधियां थमने के बाद भी 70 प्रतिशत प्रदूषण रहता है। यह घटकर 50 से नीचे हो जाना राहत की बात है।

प्रदूषण कहीं कम, कहीं ज्यादा
विशेषज्ञों के अनुसार राजधानी में अलग-अलग जगह प्रदूषण का स्तर भिन्न रहता है। उरला, सिलतरा, कबीर नगर, भनपुरी आदि क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 60 से 80 और कहीं-कहीं पर यह 150 के करीब रहता है। शहर में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा इन्हीं औद्योगिक इलाकों में रहता है। कलेक्टोरेट, घड़ी चौक, जयस्तंभ चौक, विवेकानंद आश्रम, भाठागांव बस टर्मिनल के पास यह 45 से 60 के बीच रहता है। अलग-अलग इलाकों को मिलाकर शहर का औसत प्रदूषण स्तर निकाला जाता है। सर्दी के मौसम, गर्मी और बारिश में एयर क्वालिटी इंडेक्स में अंतर होता है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बारिश में मौसम ज्यादा साफ रहता है, क्योंकि पानी गिरने की वजह से प्रदूषण कम हो जाता है।

"शहर में चारों तरफ ऑक्सीजोन इसीलिए डेवलप किए जा रहे हैं, ताकि हवा शुद्ध रहे। रायपुर स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर में हर दिन वातावरण में प्रदूषण की जानकारी मिलती है।"
-एजाज ढेबर, महापौर रायपुर



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फाइल फोटो।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/rajdhani-air-up-30-in-a-week-air-quality-index-reaches-43-127763259.html

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