हसदेव नदी: पेयजल, सिंचाई व उद्योग आपूर्ति के साथ 500 करोड़ का राजस्व भी, कोरबा में इसके पानी से 10 हजार मेगावाट प्लांट लगे

हसदेव नदी न सिर्फ छत्तीसगढ़ वरन पूरे देश के लिए एक वरदान से कम नहीं है। प्रदेश में जहां इसके पानी से बड़े रकबे में सिंचाई होती है, वहीं कोरबा में इस नदी के पानी के उपयोग से ही 10 हजार मेगावाट से अधिक के पावर प्लांट लगे हैं। इससे बनने वाली बिजली छग, मध्यप्रदेश, गुजरात, गोवा, दमन, दीव, महाराष्ट्र को तो मिलती ही है। सरप्लस बिजली होने पर देश के तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्यों को भी बिजली दी जाती है।

बालको का हर साल 5 लाख 70 हजार टन एल्यूमीनियम बनाने वाला कारखाने को भी हसदेव के दर्री बराज से पानी मिलता है। यूं बिजली से ही प्रदेश और देश की उन्नति में इसका बड़ा योगदान है। हसदेव नदी के तट पर बसे कोरबा के अलावा चांपा-जांजगीर जिले का औद्योगिक विकास भी हुआ है। उद्योग, सिंचाई व पेयजल की आपूर्ति से ही हर साल जल संसाधन विभाग को 500 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलता है।

“त्रिदेव” के आशीष जैसी है हमारी हसदेव

प्रदेश का जलभराव क्षमता की दृष्टि से सबसे बड़ा बांगो बांध बना है इसी नदी में कोरबा में बने दर्री बराज से मिलता है अनेक उद्योगों को पानी हसदेव नदी के पानी के कारण ही यहां चल रहे हैं 10 हजार मेगावाट से अधिक के पावर प्लांट व बालको का एल्यूमिनियम संयंत्र मिनीमाता हसदेव बांगो बांध परियोजना की नहरों से होती है 4 लाख हेक्टेयर में सिंचाईउद्योग, सिंचाई व पेयजल से मिलता है 500 करोड़ से अधिक का राजस्व, अब इको टूरिज्म से भी होगी कमाई कोरिया जिले से निकलकर महानदी में मिलती है

कोरिया जिले की कैमूर पहाड़ियों से निकलकर हसदेव नदी कोरबा, जांजगीर-चांपा जिले में बहती हुई महानदी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई 176 किमी व प्रवाह क्षेत्र 7210 किमी है। महानदी की यह प्रमुख सहायक नदी है। इसका अधिकांश प्रवाह क्षेत्र उबड़-खाबड़ है। हालांकि कोरबा व चांपा के मैदानी क्षेत्र से यह प्रवाहित होती है। हसदेव नदी से बसे उद्योग ही आज इसके लिए एक बड़ी समस्या बन गए हैं। क्योंकि पावर प्लांट से निकलने वाली राख से यह प्रदूषित हो रही है। उद्योगों की जरूरत के लिए बने एनीकट भी अब इसके बहाव में रुकावट बन रहे हैं।

इन प्लांट का संचालन

1. बांगो जल विद्युत संयंत्र 120 मेगावाट
2. हसदेव ताप विद्युत संयंत्र दर्री 1340 मेगावाट
3. कोरबा पूर्व पावर प्लांट 440 मेगावाट
4. डीएसपीएम प्लांट 500 मेगावाट
5. मड़वा पावर प्लांट जांजगीर 1000 मेगावाट

एनटीपीसी:2600

1. बीसीपीपी पावर प्लांट : 270 मेगावाट
2. बालको पावर प्लांट-1 : 540 मेगावाट
3. बालको पावर प्लांट-2 : 1200 मेगावाट
4. बालको स्मेल्टर -2 : 2.45 लाख टन सालाना
5. बालको स्मेल्टर-3 : 3.25 लाख टन सालाना



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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/hasdeo-river-with-drinking-water-irrigation-and-industry-supply-revenue-of-500-crores-also-10-thousand-mw-plants-set-up-by-its-water-in-korba-127757715.html

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