अपना जिला भी अब पर्यटन मानचित्र में अलग स्थान बनाएगा। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने जिले में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने योजना बनाई है। इसके तहत 3 पर्यटन केंद्र सतरेंगा, बुका और टिहरीसरई को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे एडवेंचर के साथ वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा भी मिलेगी। पर्यटन मंडल ने 30 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए अब तक वन विभाग ही काम करा रहा था, लेकिन अब पर्यटन मंडल ने ध्यान देना शुरू कर दिया है। सबसे अधिक फोकस वाटर स्पोर्ट्स पर है।
सतरेंगा में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, क्रूज, हाउस बोट की सुविधा के लिए पहले ही काम चल रहा था। यहां केबिनेट की बैठक होने वाली थी, जिसमें विकास कार्यों का उद्घाटन होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से टल गया। बुका में भी लोगों के ठहरने की सुविधाएं हैं, लेकिन गोल्डन आईलैंड टिहरीसरई में मात्र एक ही गेस्ट हाउस है।+ यहां और भी काॅटेज बनाने की योजना है।
सभी जगह फ्लोंटिंग रेस्टोरेंट और क्रूज की सुविधा: अभी सतरेंगा में ही पर्यटन मंडल ने पर्यटकों के लिए फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और क्रूज की सुविधा शुरू करने की तैयारी की है। इसके अलावा बुका और टिहरीसरई में भी इसी तरह की सुविधा के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए एसईसीएल प्रबंधन से फंड की मांग की गई है।
छोटे केंद्रों को प्रशासन करा सकती है विकसित: जिले में कई छोटे पर्यटन केंद्र हैं, जहां विकास कराने से लोगों को पर्यटन के लिए नया स्थान मिल सकता है। केंदई जलप्रपात, देवपहरी गोविंद झुंझा जलप्रपात, पुटकापहाड़ शामिल हैं। साथ ही धार्मिक पर्यटन केंद्र चैतुरगढ़, मड़वारानी, मातिनदाई, कोसगाई दाई में भी सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है।
माडर्न टूरिज्म स्पाट के रूप में विकसित होंगे: एमडी आरा
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की एमडी ईफ्फत आरा का कहना है कि बुका, सतरेंगा और टिहरीसरई को माॅडर्न टूरिज्म स्पाॅट के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही यहां काटेज बनाने जमीन की जिला प्रशासन से मांग की गई है। इको टूरिज्म पर अधिक फोकस है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/3-tourism-centers-will-join-together-promote-eco-tourism-127757730.html
एक टिप्पणी भेजें