राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों, एमएलटी सहित अन्य कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर शनिवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। इन कर्मचारियों के हड़ताल में जाते ही जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था हांफने लगी है। जिलेभर में कोरोना सैंपल लेना बंद हो गया है। ट्रू नॉट लैब में ताला लटक गया है। यहां लगभग 400 सैंपल जाम हो गए हैं। इन सैंपलों के खराब होने की आशंका है। वहीं होम आइसोलेट कोरोना मरीजों की तकलीफ बढ़ गई है। इनमें से कई मरीजों तक दवाइयां नहीं पहुंच पाई।
लोग सुबह से सैंपल देने सेंटरों में पहुंचे थे पर देर तक इंतजार के बाद मायूस लौट गए। इधर हेल्प लाइन डेस्क में दिनभर फोन घनघनाता रहा पर मरीजों को रिस्पांस ही नहीं मिल पाया।
म्युनिसिपल स्कूल ग्राउंड में स्थित गांधी सभागार में बनाए गए सैंपल जांच सेंटर में सुबह 10 बजे से ही लोग सैंपल देने पहुंचे थे। इनमें कई बुजुर्ग भी थे जो कि देर तक बैठे इंतजार करते रहे। सैंपल देने पहुंचे एक शिक्षक ने बताया कि तीन बार स्वास्थ्य विभाग के हेल्प डेस्क में कॉल किए तो रटा रटाया जवाब आया कि टीम भेज रहे हैं। दोपहर तक टीम नहीं पहुंची। यही हाल ऑडिटोरियम परिसर में भी था। लोग बिना सैंपल दिए लौट गए।
यह भी पता चला है कि गांधी सभागृह में 90 टेस्ट कराए गए जिनमें से 18 पॉजिटिव घोषित किए गए हैं। जबकि यह टेस्ट बिना डॉक्टर व टेक्नीशियन की मौजूदगी में किया गया। वहीं चतुर्थ कर्मचारियों से टेस्ट कराए गए। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल से वार्ड स्तर पर नहीं मिल रही सुविधा
हड़ताल से शहरी क्षेत्र में संचालित 3 प्राइमरी स्वास्थ्य केन्द्र और 20 शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों में भी ताला लग गया है। इन सेंटरों को संविदा डॉक्टरों के भरोसे ही चलाया जा रहा था। इस वजह से वार्ड स्तर पर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही है। टीबी वार्ड में मरीजों को दवाइयां नहीं बंट पा रही है। कुपोषित बच्चों के लिए बनाए गए पुनर्वास केन्द्र बंद हो गए हैं। जिला स्तर पर बनाए फीवर क्लीनिक भी बंद हो गए हैं जहां बुखार पीड़ितों की जांच होती है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ब्लड बैंक में टेस्टिंग बंद हो गई है। भर्ती मरीजों को परेशानी हो रही है।
हेल्प डेस्क में घनघनाता रहा फोन, नहीं मिली मदद
स्वास्थ्य विभाग के हेल्प डेस्क में दिनभर फोन घनघनाता रहा। किसी मरीज ने दवाइयां नहीं मिलने की शिकायत की तो किसी ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी अस्पताल नहीं लेने जाने की समस्या बताई। लोग सैंपल की रिपोर्ट पूछते रहे। ऑक्सीजन सिलेंडर भेजने गुहार लगाई।
सैंपल जांच में प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा
संविदा डॉक्टर और कर्मचारियों के हड़ताल में जाते ही सैंपल लेने की प्रक्रिया सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। कायदे से एमबीबीएस और बीएमएस डॉक्टरों की मौजूदगी में सैंपल लेना है पर दोपहर बाद गांधी सभागार और ऑडिटोरियम में सैंपल जांच के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई जो कि प्रोटोकाल के दायरे में नहीं आते। सैंपल देने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो कि सैंपलिंग के बारे में नहीं जानते।
कर्मचारी बोले-जेल जाएंगे, काम पर नहीं लौटेंगे
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष अखिलेश नारायण सिंह ने सीएमएचओ दफ्तर परिसर में जिलेभर से पहुंचे संघ के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। कहा कि नियमितीकरण की जायज मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे मरीजों को तकलीफ हो रही है, इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं पर कोरोना संकट काल में कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि जेल चले जाएंगे पर हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। सरकार की हर सख्ती से निपटने के लिए तैयार हैं। सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी ने बताया कि सुबह सैंपल लेने में दिक्कत हुई थी पर दूसरे कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दिए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था में इनकी अहम भूमिका
एनएचएम के तहत संविदा पर कार्यरत 24 डॉक्टर, 32 लैब तकनीशियन, 9 फार्मासिस्ट सहित जिलेभर से कुल 513 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में इनकी ही अहम भूमिका रहती है।
इधर, जिले में 192 नए कोरोना पॉजिटिव मिले
शनिवार को जिले में 192 नए पॉजिटिव मिले। इनमें ननि क्षेत्र से 97 व ग्रामीण क्षेत्र से 95 मरीज हैं। 35 लोग डिस्चार्ज हुए। जिले में अब तक 6554 मरीज मिल चुके हैं। वहीं 3298 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं। एक्टिव केस 3254 है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/rajnandgaon/news/513-warriors-on-strike-20-urban-health-centers-hang-in-lock-127734684.html
एक टिप्पणी भेजें