मुक्तांगन में दिखेगा ऐतिहासिक कोरिया पैलेस का वैभव, सिर्फ कलर और फिनिशिंग करना बाकी

नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में बैकुंठपुर के कोरिया पैलेस की रेप्लिका बनाई गई है। 34 लाख रुपए की लागत से तैयार इस रेप्लिका की नक्काशी पूरी तरह काेरिया पैलेस जैसे है। संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के उपसंचालक जेआर भगत ने बताया कि इसका काम पूरा हो चुका है। सिर्फ कलर और कुछ फिनिशिंग का काम बाकी रह गया है। कोरोना संक्रमण के कारण काम में देरी हो रही है। इसे जल्द ही पूरा करने प्रयास करेंगे ताकि पर्यटक इसकी खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व को जान सके।
कोरिया पैलेस का निर्माण सन 1923 में शुरू हुआ था। नागपुर की कंपनी ने महल का नक्शा बनाया। सन् 1924 में अकाल पड़ने पर आम जनता को रोजगार देने के मकसद से राजमहल का निर्माण कार्य तेज कर दिया गया। इसके कारण सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल पाया। पहली मंजिल का काम लगभग सात साल बाद यानी 1930 में पूरा हुआ। इसके बाद राजपरिवार के सदस्य महल में रहने आ गए। इससे पहले राजपरिवार के सदस्य बैकुंठपुर स्थित धौराटीकरा में मिट्टी के बने घर में रहते थे। दूसरी मंजिल का काम 1939 में शुरू हुआ। उस समय राजमहल को लोग गढ़ी के नाम से पुकारते थे। महल के दो भाग बनाए गए। एक तरफ महिला और दूसरी तरफ पुरुषों के लिए। 1942 में फिर से अकाल पड़ गया। दो मंजिला पैलेस बनने के बाद ऊपर कुछ कमरे और बनाए गए। चार गुंबद बनाए गए, जिसमें मुगल व राजस्थान के किलाें की नक्काशी की गई। खास बात ये है कि महल की छत पर बगीचा भी बनाया गया था। इसे गुप्त गार्डन नाम दिया गया था। जानकारों के अनुसार महल चूना व ईंट के बुरादे के साथ-साथ बेल फल का गुदा मिलाकर बनाया गया था। चूने से ही प्लास्टर किया गया। इसके लिए खासतौर पर इटली से मार्बल मंगवाया गया। महल की नींव को 12 फीट गहरा रखा गया। इन्हीं कारणों से बरसाें बाद भी महल की दीवारें पूरी तरह सुरक्षित हैं।

अकाल में प्रजा का पेट भरने बनवाया था महल
अकाल के समय प्रजा को रोजगार देने के मकसद से कोरिया पैलेस का निर्माण करवाया था। जो भी काम करना चाहता था उसे काम दे दिया जाता था, ताकि वो परिवार चला सके। राज परिवार के सदस्य ठंड के मौसम में दूसरी और गर्मी में पहली मंजिल पर रहते थे। कोरिया रियासत के नाम से मशहूर यह क्षेत्र अब कोरिया जिले के रूप में पहचाना जाता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मुक्तांगन में बनी कोरिया पैलेस की रेप्लिका।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/the-glory-of-the-historic-korea-palace-will-be-seen-in-muktangan-only-the-color-and-finishing-are-left-127744911.html

Post a Comment

और नया पुराने