तेलीबांधा के एक निजी अस्पताल ने दो दिन पहले एक बुजुर्ग की मृत्यु होने के बाद सैंपल लेकर शव परिजन को सौंप दिया। बुजुर्ग का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, तब बुजुर्ग की रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। हेल्थ विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने इसे अस्पताल की लापरवाही करार दिया और कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्रों ने बताया कि श्याम नगर के 60 वर्षीय बुजुर्ग का इलाज तेलीबांधा के ही अस्पताल में चल रहा था। 13 सितंबर को उसकी मौत हो गई, तब परिजनों को बॉडी दे दी गई। बुजुर्ग का अंतिम संस्कार तेलीबांधा स्थित श्मशान घाट में किया गया, जिसमें वार्ड के काफी लोग शामिल हुए। कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार अगर कोई मरीज कोरोना संदिग्ध है तो मौत के बाद बॉडी परिजनों को नहीं दी जा सकती। जबकि जिला प्रशासन को सूचना के बाद बॉडी मर्चुरी भेजी जानी चाहिए या तो अस्पताल में रखना चाहिए। अस्पताल के सीईओ डॉक्टर क्षितिज का कहना है कि जिस बुजुर्ग की मौत हुई, वे अस्पताल में कार्यरत लैब टेक्नीशियन के मामा थे। परिजनों ने दबाव भी डाला, इसलिए उन्हें शव दे दिया गया। प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अस्पताल की ओर से पूरी सूचना सीएमएचओ कार्यालय को दे दी गई थी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/after-the-funeral-the-positive-report-will-be-processed-on-the-private-hospital-127723636.html
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