पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से इस बार पूरक परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। न ही छात्रों को पुनर्मूल्यांकन व पुनर्गणना के लिए इस बार अवसर दिया जाएगा। वह इसलिए क्योंकि, रविवि की परीक्षाएं इस बार एग्जाम फार्म होम पद्धति से होने वाली है। अफसरों का कहना है कि इस सिस्टम में पूरक के लिए अवसर नहीं दिया जाएगा। इस परीक्षा में मिले नंबरों से छात्र यदि असंतुष्ट होते हैं तो वे फिर विशेष परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह परीक्षा बाद में आयोजित की जाएगी।
इससे पहले रविवि की वार्षिक परीक्षा के साथ ही इस बार सेमेस्टर परीक्षा भी आयोजित की जा रही है। दोनों परीक्षाएं 25 सितंबर से शुरू होने वाली है। विश्वविद्यालय इसकी तैयारियों में है। विवि के अफसरों का कहना है कि कोरोना काल में परीक्षाएं केंद्र में आयोजित नहीं की जा रही है। यह नए तरीके से होगी। इसमें छात्रों को घर से परीक्षा देनी है। इसलिए पूरक परीक्षा का आयोजन नहीं होगा। वहीं दूसरी ओर छात्र दोबारा मूल्यांकन भी नहीं करा सकेंगे। पुनर्मूल्यांकन व पुनर्गणना की सुविधा भी इसमें नहीं दी जाएगी।
बाद में विवि की ओर से विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
गौरतलब है कि परीक्षा के लिए शेडयूल कुछ दिन पहले जी जारी किया जा चुका है। इसके अनुसार ही पेपर होंगे। छात्रों को परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले प्रश्नपत्र भेजे जाएंगे। जबकि आंसरशीट का कवर पेज वेबसाइट पर पहले ही अपलोड कर दिया गया है। सवालों के जवाब लिखने के लिए छात्रों को खुद के पेज का उपयोग करना होगा। इस संबंध में पहले ही सूचना जारी की जा चुकी है। रविवि की वार्षिक व सेमेस्टर में करीब दो लाख छात्र हैं।
नजदीकी स्कूलों को संकलन केंद्र बनाने की मांग
रविवि की वार्षिक व सेमेस्टर परीक्षा के लिए आंसरशीट स्पीड पोस्ट, डाक के माध्यम कॉलेजों में जमा करना है। इसके अलावा ईमेल से भी आंसरशीट भेज जा सकते हैं। इसे लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मांग की है कि स्पीड पोस्ट की बजाए नजदीक के स्कूलों व कॉलेजों को संकलन केंद्र बनाया जाए। ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार आंसरशीट यहां जमा कर सकें। स्पीड पोस्ट से आंसरशीट भेजने के चक्कर में डाकघरों में भी काफी भीड़ लगेगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/exam-form-of-home-system-will-not-result-in-ravis-examination-because-there-will-not-be-a-chance-for-supplementary-examination-re-evaluation-and-recalculation-127744960.html
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