क्षेत्र में ब्रिटिशकाल से बने नहरों की मरम्मत नहीं होने से वह जर्जर होने लगे है। नहर खरपतवार से भर गए है। किसानों को फसल पकाने के लिए आखिरी पानी की जरूरत है, सिपकोन्हा माइनर में पानी रफ्तार से चल रहा है, लेकिन विभाग के टेमरी सेक्शन के नहर की सफाई नहीं होने से किसान पानी के लिए तरस रहे हैं।
अभी तक बटरेल, खोला, बासीन, टेमरी, नवागांव, बेल्हारी, किकिरमेटा, धमना, सुरपा, अकतई, चारभांठा ओदरागहन आदि गांवों के हजारों एकड़ खेत की सिंचाई नहीं हो पाई है। किसानों के मुताबिक सिपकोन्हो मेन केनाल में जब पानी प्रवाहित किया जाता है, तब ढाई फिट टेमरी माइनर और ढाई फिट रानीतराई माइनर को पानी जाता है। लेकिन 10 दिन हो बीत गए टेमरी सेक्शन के किसानों को नहर पानी अभी तक नहीं मिला है। रजोली से सुरपा तक 21 किमी नहर से 4900 हेक्टेयर खेत नहरों से सिंचित होते हैं।
अफसर के नहीं रहने से होती है ज्यादा समस्या
जल उपभोक्ता सेक्शन टेमरी के पूर्व अध्यक्ष रामखिलावन अग्रवाल ने बताया कि अधिकारी कभी-कभार ही क्षेत्र में आते हैं। सुरपा के किसान प्रमोद जैन ने बताया कि टेमरी में सिंचाई विभाग का बंगला है। पहले वहां नियमित अफसर बैठते थे, लेकिन बीते कई सालों से वहां कोई अधिकारी नहीं बैठता।
दोनों सेक्शन को बराबर से मिलना चाहिए पानी
किसान जीवधन साहू, मुकेश प्रजापति, हुबलाल सिन्हा, थानसिंग, योगेश्वर चन्द्राकर आदि ने बताया कि सिपकोन्हा माइनर से रानीतराई और टेमरी सेक्शन को समान रूप से पानी मिलना चाहिए, लेकिन लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। जिससे किसान काफी नाराज हैं।
मंगलवार से मिलेगा पानी
लेबर दूसरी तरफ काम कर रहे थे। टेमरी सेक्शन नहरों को साफ कराते हुए मंगलवार से पानी दिया जाना शुरू हो जाएगा। मैं दुर्ग में रहता हूं काम होने पर आता हूं।
सुरेश चंद गुप्ता, उपयंत्री, टेमरी से
नहरों की सफाई कराई
टेमरी सेक्शन को जल्द पानी दिया जाएगा। नहरों की हालात खराब है। अभियान चला कर सफाई कराई जाएगी। किसानों का सहयोग जरूरी है।
बीजी तिवारी, ईई, सिंचाई विभाग
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/news/tamri-section-canals-not-cleaned-water-did-not-reach-fields-farmers-upset-127738872.html
एक टिप्पणी भेजें