राजधानी में पहली बार रजिस्ट्री दफ्तर को एक जगह रखने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों या जोन में शुरू करने पर विचार शुरू हो गया है। अभी शहर के सभी 70 वार्डों में जमीन दस्तावेजों की रजिस्ट्री एक दफ्तर में होती है। इस दफ्तर में एक रजिस्ट्रार (पंजीयक) और 4 डिप्टी रजिस्ट्रार (उपपंजीयक) रजिस्ट्री करते हैं, इसलिए छोटे से दफ्तर में काफी भीड़ लग रही है। इससे कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन भी होने लगा है। इस दफ्तर में हाल में एक उपपंजीयक की कोरोना से मृत्यु हो गई और पांच संक्रमित हैं। दफ्तर बंद है, लेकिन छत्तीसगढ़ क्रेडाई ने कलेक्टर को प्रस्ताव दिया है कि यह जब भी खुले, विकेंद्रीकरण जरूरी हो गया है। छत्तीसगढ़ क्रेडाई ने इस योजना का प्रारुप कलेक्टर को सौंपा है। प्रशासन की ओर से भी यह प्रस्ताव आईजी पंजीयन को भेजा जा रहा है।
नई योजना के अनुसार रजिस्ट्री दफ्तर जोन दफ्तरों की तरह काम करेंगे। मुख्य पंजीयक का कार्यालय कलेक्टोरेट परिसर में ही रहेगा। उप पंजीयकों के कार्यालय क्षेत्रों के अनुसार संबंधित वार्ड में रखे जाएंगे। 70 वार्डों को 4 दफ्तरों के क्षेत्र में बांटा जाएगा। एक दफ्तर में एक उपपंजीयक और उसका स्टाफ होगा। इस वजह से बड़ी खाली जगह की भी जरूरत नहीं होगी। कोरोना की वजह से अभी आने वाले कई महीनों तक सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन करना होगा। इस वजह से यह नई व्यवस्था बनाई जाएगी। इससे लोगों की भीड़ एक ही जगह पर नहीं होगी। संबंधित क्षेत्र के लोग अपने-अपने उप पंजीयकों के दफ्तरों में जा सकेंगे। अभी दूर-दराज के लोगों को भी कलेक्टोरेट आना पड़ता है। नई व्यवस्था से लोगों के आने-जाने की भी परेशानी खत्म हो जाएगी।
रायपुर में प्रयोग के तौर पर, सफल हुआ तो बाकी जिलों में
अभी तक रायपुर समेत सभी जिलों में रजिस्ट्री कराने के लिए एक ही व्यवस्था है। हर जिले में एक पंजीयन दफ्तर हैं जहां लोग रजिस्ट्री करवाने के लिए जाते हैं। लेकिन मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश समेत कई राज्य ऐसे हैं जहां रजिस्ट्री दफ्तर एक से ज्यादा रहते हैं। लोगों की सुविधा के लिए सबसे पहले यह योजना रायपुर में लागू की जाएगी। रायपुर में यह योजना सफल होती है तो इसे राज्य के बाकी जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
"कोरोना की वजह से फिलहाल रजिस्ट्री दफ्तर में काम बंद है। पुराने भवन को हटाकर नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसे ऐसे बनाएंगे जिससे एक ही जगह पर लोगों की भीड़ इकट्ठा नहीं होगी। क्रेडाई के प्रस्ताव पर भी मंथन किया जाएगा।"
-धर्मेश साहू, महानिरीक्षक पंजीयन विभाग
"कई राज्यों में इसी तरह की व्यवस्था है। रजिस्ट्री दफ्तर अलग-अलग क्षेत्र में होंगे तो लोगों को ज्यादा आसानी होगी। इसलिए यह प्रस्ताव दिया गया है। अभी कोरोना में लोगों की भीड़ कम करने यह आसान तरीका है। इस पर जल्द अमल करना चाहिए।"
-रवि फतनानी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ क्रेडाई
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/like-the-zone-the-preparation-to-separate-the-registry-office-as-an-experiment-in-raipur-was-successful-in-other-districts-127726629.html
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