भिलाई में कोरोना संक्रमण के चलते इस बार दशहरा की रौनक देखने को नहीं मिलेगी। दशहरा ग्राउंड की दीवार पर सदस्यों ने आयोजन ना होने की जानकारी लिखी है और जनता से माफी मांगी है। प्रशासन की गाइडलाइन आने के बाद दशहरा समितियों ने पर्व को सांकेतिक रूप से मनाने का फैसला किया है। कुछ प्रमुख समितियों ने आयोजन ही रद्द कर दिए हैं। जहां कार्यक्रम होंगे, वहां केवल सदस्यों की मौजूदगी में 10 फीट के रावण के पुतले का दहन ही किया जाएगा। न कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, न रामलीला, न आतिशबाजी। माइक तक नहीं लगाया जाएगा। दशहरा के भव्य आयोजन को लेकर भिलाई में युवा खेल एवं सांस्कृतिक मंडल, सेक्टर-7 और शांतिनगर दशहरा मैदान सबसे बड़े माने जाते हैं।
इन समितियों ने प्रशासन के दिशा निर्देशों और संक्रमण के खतरे को देखते हुए आयोजन स्थगित कर दिया है। ये समितियां बीते 3-4 दशक से आयोजन करती आ रही हैं। यहां हजारों की संख्या में लोग जुटते थे। दूसरी ओर दुर्ग की प्रमुख दशहरा समितियों ने अब तक आयोजन को लेकर बैठक ही नहीं की है। समिति प्रमुखों का कहना है कि बैठक के बाद ही तैयारी तय की जाएगी। यदि आयोजन होगा भी तो प्रशासन की गाइड लाइन से इतर कुछ भी नहीं किया जाएगा।
टूटेगी 43 साल पुरानी परंपरा
शांतिनगर दशहरा समिति के बृजमोहन सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए आयोजन रद्द कर दिया गया है। 43 साल पुरानी परंपरा टूट गई है, लेकिन लोगों के जीवन की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला बैठक में लिया गया है। प्रशासन ने मैदान में 50 लोगों की ही अनुमति दी है, जबकि समिति के सदस्य ही 200 से अधिक हैं। ऐसे में आयोजन कर पाना संभव नहीं है। आयोजन कराने पर यदि पब्लिक आती है, तो उन्हें रोकना भी मुश्किल होगा। इसलिए आयोजन नहीं करवा रहे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/coronavirus-in-chhattisgarh-bhilai-dussehra-festival-2020-will-not-be-organized-127785884.html
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