ये तस्वीर कुआकोंडा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बुरगुम जाने के मार्ग की है। जिसमें एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता उमा दुर्गा कंधे पर जेई की वैक्सीन का बैग और एक हाथ में चप्पल लिए समेली से 12 किमी दूर बुरगुम जाने के लिए मलगेर नाले को पार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि स्कूटी से नाले को पार कर जाना संभव नहीं है इसलिए पैदल ही जेई का टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने जाएंगी। बुधवार को बुरगुम पहुंची उमा ने बताया कि उनकी ड्यूटी जेई के टीकाकरण के लिए बुरगुम में लगाई गई है, वहां जाकर 416 बच्चों को टीका लगाना है, दो महिला कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन एक को मलेरिया, टाइफाइड होने की वजह से अब वह अकेले ही जा रही है।
अभी 3 दिन तक रोज 12 किलोमीटर आना होगा
उन्होंने बताया कि लक्ष्य पूरा करने के लिए उसे इसी तरह नाले को पार कर समेली से 12 किलोमीटर दूर बुरगुम तक 3 दिन जाना पड़ेगा। बुरगुम जाने का मुख्य रास्ता नक्सलियों ने पोटाली के आगे कई जगह से काट रखा है। दूसरा रास्ता मलेगर नाले को पार कर जाना पड़ता है नाले में बाइक पार करने दो से तीन लोगों की जरूरत होती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/bastar/news/it-is-necessary-for-children-to-be-vaccinated-with-je-so-the-health-worker-crosses-the-drainage-to-naxalgarh-burgum-and-walks-12-km-127947465.html
एक टिप्पणी भेजें