13 लाख रुपए में पेंगोलिन का हुआ सौदा, ग्राहक बनकर आई वन विभाग की टीम ने पकड़ा तस्कर को

वन विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्य की सीमा पर पेंगोलिन के साथ एक तस्कर को पकड़ा है। कंजरवेशन केयर सोसायटी वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की नीतू गुप्ता के साथ मिलकर विभाग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरूण पाण्डेय ने बताया कि पेंगोलिन को ओडिशा के गांव सरसोंपदर में रखा गया था। विभाग की टीम ग्राहक बनकर तस्कर के पास पहुंची और उसे पकड़ लिया।


एक आरोपी फरार
पेंगोलिन को खरीदने का सौदा 13 लाख रुपए में तय हुआ था। तस्कर अधिकारियों के जाल में फंस गया। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो जगदलपुर की टीम के आरक्षक विपिन चतुर्वेदी और वन परिक्षेत्र माचकोट के वनरक्षक जयदीप सिंह तस्कर के पास पहुंचे। आरोपी को यह धनपुंजी गांव तक लेकर आए। तभी आरोपी डमरू भतरा और उसके साथी पाकलू को पकड़ने जाने का अहसास हो गया। मगर टीम ने तब तक दोनो को दबोच लिया। पाकलू मोटर सायकल से भागने में कामयाब रहा। टीम इसकी तलाश में जुटी है।


इसलिए होती है तस्करी
पैंगोलिन ऐसा स्तनधारी जीव है, जिसकी खाने और पारंपरिक दवाइयां बनाने के लिए सबसे ज्‍यादा तस्करी होती है। एक्सपर्ट का कहना है कि ये जीव चींटियां खाता है। दुनिया भर में सबसे अधिक तस्करी के कारण ये जीव विलुप्त होने की कगार पर है। चीन में पैंगोलिन की खाल से स्किन और गठिया से जुड़ी दवाइयां बनाई जाती हैं, कुछ लोग इसके मांस को स्वादिष्ट मानते हैं।



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फोटो बस्तर में बरामद हुए पेंगोलिन की है। इसे ही ओडिशा में बेचने की तैयारी तस्कर कर रहे थे।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/pangolin-smuggler-arrested-on-the-border-of-odisha-and-chhattisgarh-127874658.html

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