कृषि बिलों के विरोध में किसान आज घेरेंगे स्टेट और नेशनल हाइवे

राज्य में गुरुवार को किसान चक्काजाम करेंगे। वे केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू गए तीन कृषि कानूनों को विरोध कर रहे हैं। प्रदेश के 25 किसान संगठन एक मंच पर हैं। राजधानी को जोड़ने वाले सभी 50 राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य मार्ग सहित विभिन्न मार्गों पर होगा चार घंटे दोपहर 12 से शाम चार बजे तक चक्काजाम करेंगे। रायपुर में कृषि कालेज के निकट सेरीखेड़ी में आंदोलन करेंगे व ट्रैफिक रोका जाएगा।
किसान महासंघ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी की गारंटी का कानून बनाने की मांग भी कर रहा है। संचालक मंडल सदस्यों तेजराम विद्रोही, रूपन चन्द्राकर, जागेश्वर चन्द्राकर, डॉ संकेत ठाकुर ने बताया कि कहा कि जब कांग्रेस पार्टी जब से सत्ता में है तब किसानों के मांगों की ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। सरकार से विधानसभा के विशेष सत्र से किसानों को काफी उम्मीदें थी, लेकिन निराशा हाथ लगी। वही दूसरी ओर भाजपा धान खरीदी के नाम पर केवल राजनीति ही कर रही है। केन्द्र एवं राज्य सरकार की कारपोरेट परस्त तथा किसान, कृषि व उपभोक्ता विरोधी नीतियों के खिलाफ किसान लामबंद हो रहे हैं ।

इन सड़कों पर किया जाएगा चक्काजाम
जगदलपुर-धमतरी- रायपुर, राजनांदगांव-दुर्ग-रायपुर, बिलासपुर-रायपुर, सरायपाली-महासमुन्द-रायपुर, रायपुर-अम्बिकापुर-वाराणसी, कोरबा-बिलासपुर, भाटापारा-बलौदाबाजार-रायपुर आदि। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित विभिन्न मार्गों में चक्काजाम विभिन्न संगठन मिलकर संयुक्त रूप से करेंगे ।

मूणत ने पूछा-किस दर से धान खरीदेगी छग सरकार

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रदेश सरकार से धान खरीदी के मूल्य और उसके भुगतान को लेकर अपना रुख साफ़ करने को कहा है। मूणत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की घोषणा की है और वन मंत्री अकबर केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की बात कह रहे हैं, तो अब प्रदेश सरकार यह स्पष्ट करे कि समर्थन मूल्य पर धान ख़रीदने के बाद शेष अंतर राशि का क्या होगा? प्रदेश का किसान जानना चाहता है कि उसका धान प्रदेश सरकार केंद्र के समर्थन मूल्य पर ही खरीदेगी या अपने वादे के मुताबिक 25 सौ रुपए की दर से खरीदेगी? केंद्र के समर्थन मूल्य के अलावा शेष राशि का भुगतान प्रदेश सरकार किसानों को किस प्रकार और कब तक करेगी?

मूणत ने कटाक्ष किया कि अभी तो प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष खरीदे गए धान मूल्य की अंतर राशि का ही पूरा भुगतान नहीं किया है, जबकि अब नए सत्र की फसल बेचने किसान तैयार हैं। राजीव न्याय योजना के नाम पर किसानों को उनके हक़ का पैसा देने में प्रदेश सरकार को किश्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो वास्तव में किसानों के साथ अन्याय की पराकाष्ठा है।



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फाइल फोटो।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/farmers-today-will-lay-siege-to-protest-against-agricultural-bills-127884605.html

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