एनआईए ने झीरम घाटी मामले में कांग्रेस नेता दौलत रोहरा को चौथी बार तलब किया है। नोटिस पर दौलत रोहरा ने मीडिया से कहा कि एनआईए की जगह एसआईटी से जांच करवाना चाहते है जिसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में एनआईए की जांच के खिलाफ एक याचिका लगाई है, जो 14 माह पहले सितंबर 2019 को मंजूर हो गई है। रोहरा का कहना है कि याचिका मंजूर होने के बाद एनआईए ने झीरम घाटी की जांच फिर से शुरू की है। मेरी याचिका लगी हुई है इसलिए मैंने इनको बता दिया है कि मेरी आपके खिलाफ याचिका लगी है। मैं एनआईए की जगह एसआईटी से जांच करवाना चाहता हूं इसलिए मैं आपको बयान देने में असमर्थ हूं। आप मुझे बार-बार नोटिस भेज रहे हैं, मैं उसका कागजी कार्रवाई से जवाब दे रहा हूं। मैंने स्वयं उपस्थित होने उस बात को उनके सामने रखा और राइटिंग में भी दिया। दौलत रोहरा ने मामले में आगे कहा एनआईए ने झीरम घाटी हमले में 2014 के अपनी एक रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी। न हम लोगों से पूछा गया और न जांच सही ढंग से हुई। सिर्फ टेबल में बैठ के बयान हुए, जांच में हमें पूरा भरोसा नहीं है। अपराधी जिनको पकड़ना था वो सामने आया नहीं। 2019 में राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/nia-notice-to-rohra-said-unable-to-give-statement-because-sit-demand-investigation-127887905.html
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