छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम की टीम ने शनिवार को सड़क चौड़ीकरण अभियान चलाया। इसके तहत तड़के ही निगम का दस्ता नेहरू नगर पहुंच गया और मेला स्थल सहित 34 मकान और 24 दुकानें गिरा दी गईं। इस दौरान एक स्कूल के निर्माण को गिराने का स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस के आगे किसी की नहीं चली।
दरअसल, स्मार्ट सिटी रोड को नर्मदा नगर चौक तक आगे बढ़ाने के लिए तड़के ही निगम का दस्ता नेहरू नगर पहुंच गया। विरोध की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। बलराम टॉकीज रोड से 170 मीटर के नेहरू नगर पहुंच मार्ग को भी मिट्टी तेल लाइन स्मार्ट सड़क से जोड़ना है। ऐसे में इस सड़क को 70 फीट चौड़ा करने के साथ 10 फीट का पाथ वे भी बनाया जाना है।
रहवासियों को शिफ्ट करने के लिए 15 दिन का दिया गया था समय
निगम की नाप-जोख में 34 मकान और 24 दुकान सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आए। जिसके बाद नोटिस जारी कर रहवासियों को सामान शिफ्ट करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। तोड़फोड़ के कारण क्षेत्र में सुबह लगने वाली सब्जी मंडी भी नहीं लग सकी। वहीं लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले शनिवार को इस रोड से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई थी।
गुरु घासीदास विद्यालय में रहने वालों ने फिर किया विरोध
गुरु घासीदास स्कूल के निर्माण कार्य को तोड़ने और मंदिर हटाने को लेकर विरोध किया गया। परिसर में रहने वाले लोगों का आरोप है कि स्कूल का कुछ हिस्सा ही नापजोख में आया है, लेकिन पूरे निर्माण को ढहाने की साजिश की गई है। गुरु घासीदास जी के प्रतीक चिन्ह जैतखाम और मंदिर तोड़े जाने के विरोध में रविवार दोपहर 12 बजे महंतबाड़ा में समाज की बैठक बुलाई गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/bilaspur-smart-city-news-update-municipal-corporation-team-carried-out-road-widening-drive-128053886.html
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