शहर में बालको-कोरबा मुख्य मार्ग से सटकर स्थित रामपुर और ट्रांसपोर्टनगर में इंदिरा स्टेडियम के सामने स्थित शराब दुकान विवादित स्थानों पर है। दोनों दुकानों को हटाने की मांग लंबे समय से चल रही है। बालको मुख्य मार्ग पर पथर्रीपारा से लगकर स्थित रामपुर शराब दुकान के चलते वार्डवासी समेत बालको आवाजाही करने वाले लोग परेशान है।
वार्ड पार्षद चंद्रलोक सिंह के साथ बस्ती के लोगों ने कई बार शराब दुकान हटवाने प्रदर्शन करने के साथ प्रशासन को ज्ञापन भी दिया। इसी तरह ट्रांसपोर्टनगर में स्टेडियम के मुख्य द्वार के सामने ही शराब दुकान है। जिसे भी हटाने के लिए कई बार आंदोलन-प्रदर्शन किया गया। लेकिन शराब दुकान नहीं हट सका। उल्टे शराब दुकान का दरवाजा पीछे की ओर खोलने का वादा करके अधिकारी भी भूल गए। अब स्टेडियम गेट के ठीक सामने से शराब दुकान के गेट खुल गए हैं। जिससे स्टेडियम में आने-जाने वाले लोग परेशान है। इन शराब दुकानों का विरोध होने पर हर बार प्रशासनिक अधिकारियों ने अगले वित्तीय वर्ष में शराब दुकान शिफ्टिंग का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। लेकिन अब तक शराब दुकानों की शिफ्टिंग नहीं की जा सकी है। इस वर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने कोरोना काल के बहाने शिफ्टिंग पर ध्यान नहीं दिया। वहीं आने वाले वित्तीय वर्ष में भी शराब दुकानों की शिफ्टिंग पर प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
मंदिर-अस्पताल पास, सड़क पर आवाजाही होती है मुश्किल
जिला मुख्यालय से महज 1 किमी के दायरे पर स्थित रामपुर शराब दुकान पथर्रीपारा (बस्ती) वार्ड के सामने और बालको-कोरबा मुख्य मार्ग से सटकर है। शराब दुकान के पास ही दो मंदिर और अस्पताल समेत आदिवासी कन्या छात्रावास है। मुख्य मार्ग पर सुबह से लेकर रात तक लोगों की आवाजाही होती है। जिसमें महिलाएं भी शामिल रहती है। लेकिन दुकान के बाहर सड़क तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है। खासकर महिलाओं का।
स्टेडियम में घूमते हैं शराबी खिलाड़ी होते हैं परेशान
शराब दुकान सामने होने से शराब पीने के लिए शराबी स्टेडियम परिसर में घूमते हैं या फिर स्टेडियम के गेट के पास ही भटकते रहते हैं। जिस कारण स्टेडियम जाने वाले खिलाड़ियों व अन्य लोगों को परेशान होना पड़ता है। स्टेडियम परिसर में महिलाएं और बच्चे असहजता के साथ पहुंचते हैं। शराब पीकर लोग अक्सर बोतल स्टेडियम परिसर में फेंक देते हैं जिससे भी परेशानी होती है। पास ही गुरुद्वारा व सतनाम प्रांगण है। जहां आवाजाही करने वाले भी शराब दुकान से परेशान होते हैं।
जनसमस्या वाली शराब दुकानों को हटाने करेंगे आंदोलन
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल के मुताबिक शहरी क्षेत्र में रामपुर, ट्रांसपोर्टनगर, निहारिका समेत कुछ अन्य स्थानों पर स्थित शराब दुकान जनसमस्या वाले बन गए हैं। ऐसे शराब दुकानों को हटाने की मांगे चल रही है। प्रशासन द्वारा अगामी वित्तीय वर्ष में शराब दुकानों की दूसरे स्थानों पर शिफ्टिंग नहीं की जाएगी तो वार्ड पार्षदों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन को राजस्व अर्जित करने के बजाए जनहित में ऐसे शराब दुकानों को दूसरे जगह शिफ्ट करना चाहिए।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/the-liquor-shops-in-the-disputed-places-had-to-be-shifted-the-administration-forgot-about-the-shifting-lockdown-now-people-are-upset-128035377.html
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