नेट परीक्षा में सफलता का परचम लहराकर बोरवाय के एमन कुमार ने साबित कर दिया कि प्रतिभा गांव और गरीबी की जंजीर में नहीं बांधी जा सकती। खेती किसानी में माता-पिता का हाथ बंटाने वाला एमन मिस्त्री काम करते हुए पढ़ाई करता रहा। 12वीं आर्ट्स में 87% अंक प्राप्त कर हिंदी साहित्य में एमए. करने के बाद यूजीसी व नेट परीक्षा की ओर भविष्य तलाशने चल पड़ा। नेट परीक्षा पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर साबित कर दिया कि प्रतिभा गांव और गरीबी की मोहताज नहीं होती।
एमन के पिता बिष्णु प्रसाद, माता मीना देवी साहू सामान्य किसान हैं। एमन कुमार ने बताया कि शासकीय कालेज जामगांव आर के हिंदी साहित्य प्राध्यापक अंबरीष त्रिपाठी के सतत मार्गदर्शन में उन्हाेंने पढ़ाई की। एमन की उपलब्धि पर गांव व अंचल के युवाओं में हर्ष व्याप्त है।
परिक्षेत्रीय साहू समाज जामगांव आर के अध्यक्ष डॉ. गुलाब साहू, पदाधिकारियों समेत सीएम के ओएसडी आशीष वर्मा ने खुशी जताते हुए कहा कि गांवों में प्रतिभा की कमी नहीं है, इस बात का प्रमाण एमन ने दृढ़ इच्छा शक्ति, कड़ी मेहनत और लगन के साथ दिया है। जिपं उपाध्यक्ष अशोक साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी अश्वनी साहू, जयप्रकाश चन्द्राकर, रूपेंद्र शुक्ला, उमाकांत चंद्राकर, युगल किशोर आडिल, भेष आठे सहित ग्रामीणों ने खुशी जताई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/news/eman-passed-the-net-examination-while-working-as-a-mechanic-with-a-fathers-hand-in-farming-127983955.html
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