वन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने मेसर्स आरएसपीएल लिमिटेड अछोली से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का बकाया 1.14 करोड़ रुपए जमा नहीं करने पर जांच बैठा दी। यह फर्म घड़ी डिटरजेंट बनाती है। अकबर ने जांच कमेटी से रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर मांगा है।
अकबर ने शनिवार को पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारियों की बैठक में कोरोना संक्रमण को देखते हुए चिकित्सकीय संस्थानों की स्थापना तथा संचालन के लिए तत्परता से एनओसी देने कहा है, जिससे इन संस्थाओं का लाभ लोगों को मिल सके। अकबर ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को टीम बनाकर अपने क्षेत्र के बड़े-मध्यम उद्योगों और बड़ी खदानों का निरीक्षण 15 जुलाई तक हर हालत में पूर्ण करने के लिए कहा है।
मंत्री ने 31 मई तक उद्योग स्थापना तथा संचालन की सम्मति के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की जानकारी ली। उन्होंने जल व वायु प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों की भी जानकारी मांगी। अफसरों ने बताया कि उद्योग स्थापना के 370 आवेदन पत्र प्राप्त हुए।
इनमें से 180 को निराकृत कर दिया गया है। सबसे अधिक 127 आवेदन रायपुर कार्यालय को प्राप्त हुए। इनमें से अब तक 66 प्रकरणों को निराकृत कर दिया गया। क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर में 35, भिलाई में 110, अम्बिकापुर में 31, जगदलपुर में 30, कोरबा में 7 और रायगढ़ में 30 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। बैठक में सचिव संगीता पी. तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव आरपी तिवारी शामिल हुए।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/detergent-company-did-not-pay-114-crore-now-investigation-127408513.html
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