शुक्रवार को एम्स रायपुर ने 13 और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज लैब ने 5 प्रवासी कामगारों को कोविड-19 पॉजिटिव पाया है। मतलब एक ही दिन में 18 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इससे ज्यादा चिंता की बात यह है कि जिन लोगों की एम्स से रिपोर्ट आई है उनमें से कुछ प्रवासी अपने घर जा चुके हैं। 20 मई के बाद लौटे इन लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था। आरटीपीसीआर सैंपल लेकर एम्स रायपुर भेजा गया। एम्स से रिपोर्ट आने से पहले ही कुछ प्रवासियों को घर जाने दिया गया। देर शाम तक यह भी तय नहीं हो पाया कि उन्हें रायगढ़ में रखा जाएगा या बिलासपुर सिम्स भेजा जाएगा।
कोरोना की होम डिलीवरी...सेंटर से भागे
क्वारेंटाइन सेंटर में लापरवाही का एक और उदाहरण भास्कर आपको बता रहा है। शुक्रवार को लैलूंगा के कुपाकानी हाईस्कूल सेंटर से दो प्रवासी भा निकले। सुरक्षा में लगे कोटवार को धमका कर ये लोग अपने घर चले गए। इनमें अनवर नागवंशी पुणे से लौटा था। 3 जून को इसकी अवधि पूरी हो गई। रिपोर्ट नहीं आई इसलिए गुस्से में भाग गया। इसके साथ ही तमिलनाडु से आया धरमसाय उर्फ जरहा भी घर चला गया। इसकी क्वारेंटाइन अवधि 11 जून को पूरी होनी थी। इसका भी सैंपल लिया गया है, रिपोर्ट नहीं आई है। अब अगर ये प्रवासी पॉजिटिव पाए गए तो परिवार के साथ पड़ोसी भी खतरे में आ जाएंगे। रिपोर्ट आने से पहले प्रवासियों को घर जाने से रोकना जरूरी है।
5 दिन पहले क्वारेंटाइन पूरा कर लौटी, अब 2 गांव मुश्किल में
रायगढ़ से लगभग 14 किलोमीटर दूर पुसौर ब्लाक के गोर्रा गांव की एक महिला और एक युवक को संक्रमित पाया गया है। युवक को 14 दिन पूरा होने पर शुक्रवार को ही क्वारेंटाइन सेंटर से छोड़ा गया। वह घर लौट चुका है। पांच दिन पहले क्वारेंटाइन अवधि पूरी कर वह भी अपने मायके गोर्रा पहुंची। पांच दिनों में यह अपनी ससुराल नवरंगपुर भी घूम कर आ गई। परिजन के अलावा बाहरी लोग भी महिला और युवक के संपर्क में आए हैं। अब संपर्क में आए लोग बाजार भी गए होंगे और कई लोगों से मिले होंगे। 13 लोगों में इन दो के अलावा और भी कुछ लोग हैं जिनकी रिपोर्ट आने से पहले ही उन्हें सेंटर से छोड़ दिया गया है। सैंपल की रिपोर्ट देर से भेजने के लिए एम्स जिम्मेदार है या बिना रिपोर्ट आए सेंटर से छोड़ने वाला स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार है। इस पर अफसर कुछ नहीं बोल रहे हैं। आप और हमें अब सावधान रहना होगा। जरूरी हो तो घर से निकलें। काम पर जाते हों तो पूरे एहतियात बरतें।
170 के सैंपल भेजे गए थे एम्स
मई में 12 हजार 963 प्रवासी अलग-अलग राज्यों से लौटे। इनमें संक्रमित क्षेत्र व रेडजोन से लौटे लोग भी हैं। शुक्रवार को 13 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसमें से रायगढ़ शहर से एक, पुसौर के गोर्रा के दो, रिसोरा से दो, बड़े नवापारा, बुदेली से एक, डुमरपाली बरमकेला से एक, नवागांव सारंगढ़ से एक, पहंडा सारंगढ़ से दो, संजय नगर खरसिया से एक, हाटी धरमजयगढ़ एक में कोरोना की पुष्टि की गई है। सीएमएचओ डाॅ. एसएन केशरी ने बताया कि सभी संक्रमित मरीजों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री का पता लगाने के लिए मेडिकल कॉलेज की रैपिड रिस्पांस टीम व विभागीय टीमें लगा दी गई है।
रायगढ़ लैब की रिपोर्ट में 5 संक्रमित मिले
शुक्रवार देर रात मेडिकल कॉलेज की लैब ने भी बाहर से आए 5 प्रवासी कामगारों को कोरोना पॉजिटिव बताया। दो दिन पहले इनके सैंपल लिए गए थे। पॉजिटिव पाए गए लोगों में 4 लैलूंगा ब्लाक के हैं और एक खरसिया का श्रमिक है। ये सभी लोग क्वारेंटाइन सेंटर में हैं लेकिन इसका पता लगाया जा रहा है। कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 5 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी आईसीएमआर और प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। सीएमएचओ डॉ. एसएन केशरी ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर जिले में आए लोगों का आरपीटीपीसीआर लेकर जांच के लिए भेजा गया था । जिनमें से पांच संक्रमित पाए गए हैं । सभी की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री का पता लगाया जा रहा है। केशरी ने कहा, इन पांच मरीजों को सुबह तक अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/before-the-corona-unlock-report-some-people-sent-home-as-healthy-18-positives-were-found-in-the-district-127379354.html
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