छत्तीसगढ़ के नए भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद विष्णुदेव साय ने 25 लाख परिवारों से सीधे संपर्क करने का कार्यक्रम तय किया है। पीएम नरेंद्र मोदी के पत्र के बहाने भाजपा के कार्यकर्ता इन घरों में जाएंगे। दो-दो लोगों का ग्रुप बनाया जाएगा, जो इस मुहिम में हिस्सा लेंगे। इस पत्र के जरिए पीएम मोदी ने दूसरे कार्यकाल के पहले साल की उपलब्धियों के साथ स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया है। इधर, कोराेना के कारण सड़क पर उतरकर आंदोलन की पाबंदी के कारण वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
पहली वर्चुअल रैली में 30 हजार लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लोगों को जोड़ा जाएगा। साय ने शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। विक्रम उसेंडी ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय, संगठन महामंत्री पवन साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, सांसद सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, रामप्रताप सिंह, शिवरतन शर्मा, सच्चिदानंद उपासने, भूपेंद्र सवन्नी, श्रीचंद सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
मरकाम ने पूछा, साय पहले यह बताएं कि वे सभी को स्वीकार्य हैं या नहीं
साय के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पहले तो साय को लोकसभा की टिकट के लिए उपयुक्त नहीं माना और उसके बाद यदि गुटीय राजनीति के कारण अध्यक्ष बना दिया गया तो वह तीन चौथाई बहुमत से चुनी गई सरकार पर अच्छा काम कर रही सरकार पर सवाल कैसे कर सकता है ?साय के सारे बयान केवल और केवल उनकी और भाजपा की अयोग्यता को ही उजागर करते हैं। मरकाम ने कहा है कि साय कितने प्रभावी हैं यह तो इसी बात से उजागर हो गया है कि उनकी नियुक्ति के ही दिन उनकी ही पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस और सीएम बघेल को एक बार और विधानसभा चुनाव में जीत और प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनने की बधाई दे दी। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए की उनकी पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष विष्णुदेव साय की नियुक्ति संविदा है या नियमित।
उसेंडी-कौशिक का पलटवार, भाजपा को कांग्रेस जैसी न समझें मरकाम
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम द्वारा नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष साय को लेकर की गई टिप्पणी को कांग्रेस का प्रलाप बताया है। उन्होंने कहा कि मरकाम भाजपा को कांग्रेस जैसे राजनीतिक चरित्र वाली पार्टी समझने की भूल कतई न करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में साय की नियुक्ति से कांग्रेस नेताओं को अब अपना जनाधार खिसकने और भाजपा के राजनीतिक विस्तार का भय सताने लगा है। इसी घबराहट में कांग्रेस अध्यक्ष भी बेसिर पैर की बातें कर रहे हैं। मरकाम का यह कहना उनकी पार्टी के नितांत अलोकतांत्रिक राजनीतिक चरित्र का परिचायक है कि सरकार के कामकाज पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सवाल कैसे कर सकते हैं? चुनावी हार-जीत और टिकट मिलने-न मिलने को किसी की राजनीतिक योग्यता का मापदंड मानना कांग्रेस की रीति-नीति रही है।
साय के पदभार ग्रहण से बड़ा खेमा रहा दूर, गुटबाजी की चर्चा
साय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा का एक बड़ा खेमा नजर नहीं आया। एकात्म परिसर में सांसद रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, प्रेमप्रकाश पांडे जैसे दिग्गजों के साथ 9 में से 8 सांसद की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। इनमें से नेताम, चंद्राकर, सांसद विजय बघेल और संतोष पांडेय अध्यक्ष पद की दौड़ में भी रहे। हालांकि साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इस सवाल के जवाब में कहा कि कोराेना की वजह से कई नेता नहीं पहुंचे। इसमें गुटबाजी या नाराजगी जैसी बात नहीं है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/bjp-will-directly-contact-25-lakh-families-on-the-pretext-of-giving-modis-letter-127383498.html
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