अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध जिले के 19 शासकीय व अशासकीय कॉलेज हैं। इनमें नियमित व स्वाध्यायी के 28 हजार छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं 14 मार्च से रद्द हो गई थीं। उसके बाद से छात्रों को शासन व यूनिवर्सिटी के निर्णय का इंतजार था। इन छात्रों को छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग से 71 दिन बाद राहत की खबर मिली है। जिसे लेकर जनरल प्रमोशन पाने ले छात्रों में खुशी है, लेकिन उन्हीं की क्लास के वे छात्र जो केजुअल या फिर स्वाध्यायी थे उनमें इस निराशा है, क्योंकि आदेश के अनुसार उन्हें परीक्षा में बैठना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग विभाग के उप सचिव जीएल सांकला के द्वारा सोमवार की देर रात जारी हुए आदेश से राहत जरूर मिली है, लेकिन अंतिम निर्णय अब संबंधित यूनिवर्सिटी की ओर से आना बाकी है। जिले के सभी कॉलेज अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं। ऐसे में जब तक वहां से कोई दिशा निर्देश नहीं आ जाता तब तक कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। यह भी है कि शासन के आदेश में कुछ ज्यादा उलट फेर यूनिवर्सिटी प्रबंधन भी नहीं कर सकते। उप सचिव सांकला द्वारा जारी 8 बिंदुओं के निर्देश के आधार पर परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यूजीसी के दिशा निर्देश के अनुसार वार्षिक परीक्षा पद्धति अंतर्गत अंतिम वर्ष व सेमेस्टर परीक्षा पद्धति अंतर्गत अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के लिए वार्षिक, सेमेस्टर परीक्षा आयोजित नहीं होगी। जनरल प्रमोशन पाने छात्रों की अंक सूची आंतरिक मूल्यांकन के साथ पिछले वर्ष की परीक्षाओं के आधार पर तैयार होगी।
डिग्री अहम इसलिए होगी अंतिम वर्ष की परीक्षा
यूजी अंतिम वर्ष व पीजी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने के पीछे शासन की मंशा साफ है। क्योंकि अंतिम वर्ष की मुख्य परीक्षा के आधार पर संबंधित छात्र को सर्टिफिकेट दिया जाता है। जिससे आगे चलकर जॉब के लिए अहम होता है। इनकी परीक्षाएं नहीं कराने से उनका भविष्य खराब हो सकता है। बिना डिग्री अथवा उपाधि प्रमाण पत्र के उन्हें कहीं भी वेकेंसी निकलने पर अवसर नहीं मिलेगा।
19 हजार छात्रों को मिलेगा जनरल प्रमोशन का लाभ
उच्च शिक्षा विभाग से जारी आदेश पर अगर अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी प्रबंधन अमल करता है तो इसका लाभ जिले के सभी 19 कॉलेजों में नियमित अध्ययन करने वाले 19 हजार छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इन्हें परीक्षा में नहीं बैठना होगा। यूनिवर्सिटी से उन्हें जनरल प्रमोशन दे दिया जाएगा। शेष 9 हजार छात्रों जो अंतिम वर्ष के साथ स्वाध्यायी कक्षाओं में हैं उन्हें ही परीक्षा देनी होगी।
बाहर पढ़ने वाले छात्र लौटने लगे अपने घर
जिले के अधिकांश छात्र उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में गए हुए थे। वे लॉक डाउन के कारण फंस गए थे। परीक्षा कि नई तिथि घोषित नहीं होने के कारण इन छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी असमंजस में पड़े हुए थे। लेकिन इस आदेश के बाद संबंधित जिलों में रुके छात्र-छात्राएं अपनों के पास लौटने लगे हैं। यहां से बड़ी संख्या में छात्र बिलासपुर, रायपुर, भिलाई में रहकर पढ़ाई करते हैं।
यूनिवर्सिटी के सर्कुलर का इंतजार: डॉ. सक्सेना
शासकीय पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके सक्सेना ने कहा कि अभी कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अभी उच्च शिक्षा विभाग का आदेश मिला है, जिसे सुझाव के रूप में लिया जा रहा है। इस सुझाव का किस यूनिवर्सिटी द्वारा कितना पालन कराया जाएगा यह निर्णय उनको लेना है। संभावना है कि यूनिवर्सिटी भी परीक्षा को लेकर शीघ्र ही सर्कुलर जारी करेगा।
10 कॉलेज क्वारेंटाइन सेंटर, कैसे होंगी परीक्षाएं
उच्च शिक्षा विभाग ने भले ही परीक्षा के लिए आदेश जारी कर दिया है। लेकिन जब तक जिला प्रशासन कॉलेजों को फ्री नहीं करेंगे तब तक परीक्षाएं आयोजित कराना आसान नहीं होगा। जिले के 10 कॉलेजों को जिला प्रशासन के निर्देश पर क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। जहां बाहर से आने वाले मजदूरों को 14 दिन के लिए रखा गया है। जांच के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें घर जाने दिया जा रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/students-get-news-of-relief-after-72-days-19-thousand-students-will-get-general-promotion-127368269.html
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