वैभव व सुख के अधिपति ग्रह शुक्र के मंगलवार को उदित होने के साथ ही गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत, भूमिपूजन, शिलान्यास और नवीन प्रतिष्ठान शुभारंभ आदि शुभ कार्य किए जा सकेंगे। 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी से सिर्फ विवाह नहीं होंगे। शेष पूजा-पाठ व अन्य मांगलिक कार्य चलते रहेंगे। शुक्र 25 जून से मार्गी होकर सीधी चाल चलेंगे, तब संकट कम होना शुरू हो जाएगा। संभवत: औषधि के क्षेत्र में कोई बड़ी सफलता मिलने की सूचना मिले क्योंकि शुक्र ग्रह का संबंध औषधि से भी होता है और सुख संपन्नता से भी।
औषधि निर्माण के क्षेत्र में मिल सकती है कोई बड़ी उपलब्धि
ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे ने बताया कि शुक्र अपनी ही वृषभ राशि में 30 मई से अस्त थे। 9 जून को सुबह 6.05 बजे से इनका उदय हुआ है। शुक्र के अस्त रहते मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इस दौरान 1 जुलाई तक विवाह के लिए भी शुभ लग्न की स्थिति रहेगी। इस बीच 29 जून को पड़ रही भड़ली नवमी और शुक्र का वृषभ राशि में होने का संयोग इस दिन की शुभता में बढ़ोतरी करने वाला होगा। इस दिन जो जोड़े दांपत्य सूत्र में बंधेंगे, उनके जीवन में प्रेम, सुख बना रहेगा। महिलाओं के लिए सुख-साधनों व अधिकारों मेें वृद्धि होगी। शुक्र के 25 जून के मार्गी होने के साथ ही जिनकी कुंडली में शुक्र अच्छी स्थिति में हैं उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा। औषधि निर्माण में भी कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है।
दामों में आएगी गिरावट
ज्योतिषियों के मुताबिक बुध अभी मिथुन राशि में हैं जो 18 जून को वक्री होंगे। इसके बाद जब यह 12 जुलाई को मार्गी होंगे तक शुक्र और बुध के आधिपत्य वाली वस्तुओं के उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ ही उनके मूल्यों में गिरावट आनी भी शुरू हो जाएगी। खासकर अनाज, फल, औषधि और सौंदर्य प्रसाधनों के दाम में गिरावट देखने को मिल सकती है।
साल के अंतिम तीन मुहूर्त बचे,1 इसी माह, 2 नवंबर-दिसंबर में
विवाह के लिए साल 2020 में अब तीन मुहूर्त ही शेष हैं। इनमें से एक इसी माह 29 तारीख को भड़ली नवमी पर है, जबकि 2 मुहूर्त 5 माह की देवशयनी के बाद नवंबर-दिसंबर में पड़ेंगे। दूसरा मुहूर्त 29 नवंबर को और तीसरा मुहूर्त 10 दिसंबर को पड़ेगा। फिर विवाह के लिए सीधे अप्रैल 2021 में मूहूर्त मिलेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि 17 जनवरी को गुरु अस्त हो जाएगा जो 12 फरवरी को उदित होगा। इसी बीच 16 फरवरी को शुक्र अस्त हो जाएगा जिसका उदय अप्रैल में होगा। इस तरह हम देखें तो गुरु और शुक्र अस्त होने की वजह से साल 2021 में विवाह मुहूर्तों की शुरुआत अप्रैल के बाद होगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/rise-of-venus-now-there-is-no-restriction-on-auspicious-actions-health-will-improve-127397561.html
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