कोरोना का असर मार्च माह के बाद सभी त्योहारों पर पड़ा है। आने वाले समय में भी त्योहारों पर असर जारी रहेगा। 22 अगस्त से गणेश चतुर्थी शुरू हो रही है। कोरोना के कारण भक्त अपने विघ्नहर्ता भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित नहीं कर सकते। क्योंकि पहले से ही केन्द्र सरकार ने धार्मिक कार्यक्रम
पर रोक लगा रखी है। वहीं दूसरी ओर जिले के कुंभकार समाज को भी आर्थिक रूप से नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
जिला कुंभकार समाज के सचिव अजय कुंभकार ने बताया कि जिले में करीब 200 ऐसे परिवार हैं, जो विभिन्न त्योहारों में मूर्ति बनाने का काम करते है। औसतन एक परिवार को गणेश चतुर्थी के दौरान करीब 50 हजार रुपए मूर्ति तैयार करने में प्राप्त करता है। ऐसे में 200 परिवार को करीब 1 करोड़ रुपए का नुकसान का सामना करना पड़ेगा। इस सीजन में अभी तक एक भी बुकिंग नहीं मिली है। छोटी मूर्ति बना रहे हैं।
शहर में नहीं पहुंचे दूसरे प्रदेश के मूर्तिकार
कवर्धा शहर में गणेश चतुर्थी के लिए मूर्ति कुम्हार पारा व कलेक्टोरेट के पास, विधायक कार्यालय के पास बेची जाती है। यहां दूसरे प्रदेश व जिले के विभिन्न गांव के मूर्तिकार पंडाल लगाकर मूर्ति तैयार करते हैं। लेकिन इस साल अभी तक एक भी मूर्तिकार यहां पंडाल नहीं लगाए हैं। पंडाल लगाने, मूर्ति बनाने व बेचने प्रशासन से अनुमति भी लेते हैं। कवर्धा तहसीलदार मनोज रावटे ने बताया कि अनुमति से संबंधित एक भी आवेदन नहीं आए हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/bemetara/news/market-of-about-1-crore-stalled-no-booking-of-a-single-idol-127482721.html
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