ट्रांसपोर्ट का सारा कारोबार शहर में मेनरोड के किनारे और रिहायशी इलाकों में चल रहा है। बस स्टैंड रायपुर रोड पर शिफ्ट हो चुका है पर बसें अभी भी शहर में मामा भांजा तालाब के पास, पुराने बस स्टैंड और इमलीपारा से होकर जाती हैं। नतीजतन सड़कों पर ट्रैफिक की समस्या दिनों दिन गंभीर होती जा रही है। 30 करोड़ खर्च कर रायपुर रोड पर स्थापित ट्रांसपोर्ट नगर में शहर के ट्रांसपोर्टरों को प्लॉट तो आबंटित कर दिए गए, परंतु अधिकांश ट्रांसपोर्टर शहर में ही कारोबार कर रहे हैं। ‘दैनिक भास्कर’ ने मौके का जायजा लिया तो वहां बदइंतजामी और सहूलियतों का अभाव नजर आया। ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि यहां पानी की टंकी है, पर डेढ़ साल से सप्लाई बंद है। स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं, जिससे दिन ढलते साथ मोटर पार्ट्स के कारोबारी दुकानें बंद कर चले जाते हैं। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
पाइप लाइन अधूरी
ट्रांसपोर्ट नगर को बसाने के लिए बीडीए और विलय के बाद नगर निगम ने अब तक 30 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। पीने के पानी के लिए 3.50 लाख लीटर क्षमता की पानी टंकी का निर्माण कराया। प्रकाश व्यवस्था के लिए बिजली लाइन चालू कराई। साल भर पहले 10.81 करोड़ की लागत से कांक्रीट सड़क तथा आरसीसी नाले का निर्माण कराया। सड़क निर्माण के दौरान पुरानी पाइप लाइन िनकाल दी गईं, नई पाइप लाइन बिछाने का काम अब तक अधूरा है। इन सबके बावजूद निगम प्रशासन ट्रांसपोर्टरों को वहां अपना कारोबार शिफ्ट करने के लिए तैयार नहीं कर पाया। कार्यपालन अभियंता पीके पंचायती के मुताबिक ट्रांसपोर्टरों को हर तरह की सहूिलयतें उपलब्ध कराई जा रही हैं। 597 में से अधिकांश को प्लॉट दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद ट्रांसपोर्टर कहते हैं कि वहां कारोबार नहीं है, इसलिए बहुत से लोग शहर से हटना नहीं चाह रहे हैं।
पानी, बिजली और सफाई के लिए कई बार शिकायतें, सुनवाई नहीं
- बिलासपुर मोटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष चावड़ा ने बताया कि कांक्रीड रोड निर्माण के समय पेयजल की पुरानी पाइप लाइन उखाड़ दी गईं। डेढ़ साल से ट्रांसपोर्ट नगर में पेयजल सप्लाई बंद है। पीने के पानी के लिए या तो गुंबर पेट्रोल पंप या 1 किलोमीटर दूर दीगर संस्थानों तक जाते हैं। हम लोगों को घर से ही पानी लेकर आना पड़ता है। एसोसिएशन की ओर से कलेक्टर, निगम आयुक्त को कई बार ज्ञापन दिया गया लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।
- मोटर पार्ट्स विक्रेता मनोज सिंह ने बताया कि गर्मियों में टैंकर से पानी सप्लाई की जाती थी, परंतु यह पानी टंकी के आस पास के लोगों तक नहीं पहुंचता था। स्ट्रीट लाइट नहीं है, इसलिए दिन ढलते साथ ट्रांसपोर्टरों को लाखों का सामान अंधेरे में छोड़ कर जाना पड़ता है। कांक्रीट रोड बनाने के बाद एप्रोच रोड नहीं बनाई गई है, जिससे आवागमन में परेशानियां हो रही हैं। पक्की नालियां बनाई गई हैं, पर उसे चालू नहीं किया गया है, जिससे गंदे पानी की निकासी ठप है।
प्लॉट लेकर कारोबार नहीं करने पर आबंटन निरस्त होगा
ट्रांसपोर्ट नगर में अधिकांश ट्रांसपोर्टर शिफ्ट हो चुके हैं। प्लॉट लेकर शहर में कारोबार करने वालों का सर्वे कराया जाएगा। एेसे लोगों को नोटिस देंगे। ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबार को शहर से बाहर व्यवस्थित करने ट्रांसपोर्टर नगर की स्थापना की गई है। इस पर अमल कराया जाएगा। जल प्रदाय के लिए टेंडर किया जा चुका है। अगले दो महीने में सप्लाई शुरू हो जाएगी।
प्रभाकर पांडेय, कमिश्नर नगर पालिक निगम
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/majubari-to-go-one-km-away-to-get-drinking-water-in-transport-city-of-30-crores-127507272.html
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