संदीप राजवाड़े | प्रदेश में अब राजधानी रायपुर कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है और यहां 355 मरीज निकल गए हैं। राजधानी में कई तरह की लापरवाही हो रही है, लेकिन सबसे बड़ी गफलत आरोग्य सेतु एप के जरिए की गई है। दरअसल शहर के 384 लोगों ने इस एप में खुद जानकारी अपलोड की कि उनमें दो-तीन लक्षण ऐसे दिख रहे हैं, जो कोरोना के लक्षण बताए गए हैं। एप में डाली गई जानकारी को ट्रैक करते हुए हेल्थ अमले ने इन तमाम लोगों से संपर्क के प्रयास शुरू किए, ताकि इनका सैंपल टेस्ट हो जाए। लेकिन जैसे ही जांच की बात आई, सिर्फ दो लोगों ने ही स्वाब सैंपल दिए। अधिकांश ने अपना फोन ही बंद कर दिया। कुछ ने फोन चालू रखा लेकिन ये कह दिया कि बाहर हैं। कुछ ने हेल्थ अमले को दो-टूक कह दिया कि टेस्ट खुद करवा लेंगे। हेल्थ अफसरों के मुताबिक अगर लोगों ने खुद की लक्षण अपलोड किए हैं, तो उन्हें संक्रमण का खतरा भी हो सकता है।
जांच के नाम पर इस तरह का व्यवहार उनसे जुड़े बाकी लोगों को भी खतरे में डाल सकता है। रायपुर सीएमएचओडॉ. मीरा बघेल ने बताया कि जिले में पिछले एक माह में ऐसे 384 लोगों का डेटा आरोग्य सेतु के जरिए आया जिनमें कोरोना से जुड़े कोई न लक्षण हैं। जैसे, किसी को सांस लेने में परेशानी है तो किसी को काफी दिन से सर्दी-खांसी और बुखार है। यह जानकारी लोगों ने खुद ही एप में अपलोड की है। आरोग्य सेतु अपने सिस्टम की अनुसार ऐसे तमाम लोगों की जानकारी हर जिले में भेजता है, ताकि संक्रमण न फैले। रायपुर के हेल्थ अमले को जानकारी मिली तो उन्होंने नंबर और लक्षण के आधार पर ऐसे लोगों से संपर्क करना शुरू किया।
सबसे पहले विभाग ने ऐसे लोगों को काॅल कर सेहत पूछी, फिर कहा कि एहतियातन सैंपल जांच करवा लें। लेकिन जैसे ही सैंपल की बात आई, लोगों का रवैया ही बदल गया। डॉ. बघेल के मुताबिक केवल 2 लोगों ने टेस्ट करवाया और दोनों नेगेटिव निकले। बाकी लोग जांच के लिए तैयार ही नहीं हुए।
कुछ ने कहा-अब सब ठीक
इन 384 लोगों के भास्कर ने डेटा लिए हैं। इनमें से आधे लोगों ने तो फोन ही बंद कर रखा है। 25 फीसदी लोगों ने कहा कि अभी राज्य से बाहर हैं। लौटेंगे तो टेस्ट करवा लेंगे। 5 फीसदी लोग हेल्थ विभाग का काॅल ही रिसीव नहीं कर रहे हैं। कुछ ने कहा कि जिस समय उन्होंने लक्षण अपलोड किए थे, तब ऐसा लग रहा था। लेकिन अब नाॅर्मल हैं। जब फिर से ऐसा लगेगा तो टेस्ट करवा लेंगे।
संपर्क कर रहे हैं, तब भी अनदेखी, सैंपल ही नहीं दे रहे
"आरोग्य सेतु से मिले डेटा में जिन्होंने खुद लक्षण बताए हैं, वे टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। उनसे संपर्क कर बोल रहे हैं, तब भी अनदेखी की जा रही है। हद तो यह है कि लोग फोन बंद करके बैठ गए हैं।"
-डॉ. मीरा बघेल, सीएमचओरायपुर
भास्कर अपील
लक्षण बताए तो जांच जरूर करवाएं संक्रमण फैलने का खतरा इसी से
आरोग्य सेतु एप में जानकारी अपलोड करना जितना जरूरी है, लक्षण पर जांच करवा लेना उससे भी ज्यादा जरूरी है। एप में जानकारी लोग खुद शेयर कर रहे हैं, लक्षण भी खुद बता रहे हैं। आपको खुद ही कोरोना से जुड़े लक्षण महसूस हो रहे हैं तो यह जरूरी है कि स्वाब का सैंपल देकर जांच जरूर करवा लें। ऐसी ही सावधानी से कोरोना संक्रमण का फैलाव रोका जा सकता है। अगर हेल्थ विभाग से आपके पास फोन आ रहा है तो उसे सही जानकारी दें। अगर वहां से कोई आग्रह किया जा रहा है तो उसमें सहयोग करना भी जरूरी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/384-people-told-themselves-in-the-arogya-setu-app-only-two-of-them-gave-samples-on-corona-like-symptoms-most-stopped-the-phone-in-the-name-of-investigation-127468663.html
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