3 अगस्त को रक्षाबंधन है। दूर रहने वाले भाइयों को राखी भेजना इस बार थोड़ा मुश्किल हो रहा है। डाक विभाग और कूरियर कंपनियां लिफाफा-पार्सल डिलीवर करने में देर कर रही हैं। डाक विभाग तो रजिस्ट्री कराने पर ग्राहकों को मैसेज भेज कर देर होने की आशंका व्यक्त भी कर रहा है, इसलिए राखियां जल्द भेजनी होंगी। बाजार में राखियां बिकना शुरू हो गई हैं हालांकि इस बार कोरोना के कारण नए डिजाइन या फैशन वाली राखियों के बदले पारंपरिक धागे वाली राखियां ज्यादा हैं।
बड़े शहरों में फ्लाइट से भेजना पड़ता है- कूरियर कंपनी रायगढ़ के मैनेजर दिलीप अग्रवाल बताते हैं कि दिल्ली, मुम्बई, बैंगलोर, हैदराबाद जैसे शहरों में राखियां भेजने के लिए पहले 50 से 80 रुपए तक का चार्ज लगता था, लेकिन अब 100 रुपए ले रहे हैं। डिलीवरी के लिए दस दिनों का समय लग रहा है। ट्रेनें नहीं चलने से फ्लाइट से भेजना पड़ रहा है।
इसमें रायपुर, बिलासपुर, नागपुर जैसे जगहों के डाक को निजी गाड़ियों से भेज रहे हैं। इन शहरों के लिए कूरियर चार्जेस नहीं बढ़े हैं। डाक घरों में आसपास के शहरों के लिए गाड़ियों की व्यवस्था की है। जिसमें पार्सल गाड़ियों में राखियों के पार्सल भेजे जाएंगे। बड़े शहरों के लिए पार्सल ट्रेन और फ्लाइट से भेजे जा रहे हैं। लिफाफा राखी या स्पेशल लिफाफे में राखियां भेजी जाती है तो उसे जल्दी भेजा जाएगा। इसकी व्यवस्था अलग से की गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/jashpur/news/it-takes-much-time-for-delivery-if-brother-is-out-send-rakhi-soon-127532250.html
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