केंद्र सरकार ने आपदा नियंत्रण फंड के तहत कोरोना नियंत्रण के लिए खर्च की गई राशि का हिसाब-किताब मांगा है। मार्च में पहला मरीज मिलने के बाद से अब तक हेल्थ विभाग और जिलों से ये जानकारी कंपाइल नहीं हो पाई है। आपदा प्रबंधन विभाग तीन रिमाइंडर भी दे चुका है। इधर, हिसाब नहीं होने के अलावा राज्य की ओर से इस फंड से सैंपल कलेक्शन, मोबाइल वैन और एंबुलेंस आदि खरीदने देने की छूट की मांग के साथ करीब 325 करोड़ रुपए की जरूरत भी बताई है।
मिली जानकारी के अनुसार मार्च यानी पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान कोरोना की दस्तक के बाद केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक करीब 35 फीसदी राशि कोरोना नियंत्रण के लिए रिलीज करने का नियम बनाया गया था। इसके तहत मार्च में 15 करोड़ रुपये प्रांरभिक बंदोबस्त के लिए जारी हुए। इसके बाद नये वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रवासी मजदूरों के रहने खाने क्लारेंटाइन सेंटर में बंदोबस्त के लिए प्रदेश के 28 जिलों को 11 करोड़ 20 लाख की रकम जारी की गयी। हेल्थ विभाग को कोरोना कंट्रोल के जरूरी इंतजाम के लिए आपदा फंड से अब तक करीब 120 करोड़ जारी हो चुके हैं। इसमें सीएसआर के तहत मिले करीब 5 करोड़ की राशि भी है। आपको बता दें कि आपदा कोष की राशि दवा पीपीईकिट कोविड केयर सेंटर अस्पताल प्रवासी मजदूरों के लिए खर्च का ही नियम है।
कोरोना का अर्थशास्त्र
आपदा फंड से मिली रकम
- 15 करोड़ मार्च में मिल चुकी रकम
- 120 करोड़ नये वित्तीय वर्ष के लिए फंड
- 11.20 करोड़ जिलों को प्रवासियों के लिए
इलाज से ज्यादा टेस्ट पर खर्च
जानकारों के मुताबिक प्रदेश में कोरोना जांच का बडा़ हिस्सा सरकारी स्तर पर ही किया जा रहा है। अब तक 5 लाख से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं। एक टेस्ट में औसतन 2 से 4 हजार तक का खर्च आ रहा है। इस लिहाज से देंखे तो अब तक 100 करोड़ से ज्यादा खर्च केवल कोविड जांच पर ही अनुमानित रूप से हुए हैं। वहीं ये पूरा काम सरकारी स्तर पर हो रहा है इसलिए लैब तकनीशियन एक्सपर्ट और बाकी सपोर्ट स्टॉफ का खर्च का अनुमान लगा पाना हेल्थ विभाग के लिए भी बडी़ चुनौती है।
टेस्ट-इलाज का खर्च
- 100 करोड़ 5 लाख से ज्यादा टेस्ट पर
- 30करोड़ 22 हजार मरीजों के इलाज पर
हर मरीज पर एक दिन में 1600 रुपए खर्च
कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल या कोविड केयर सेंटर में एक मरीज को रखने पर करीब 1600 रुपये रोजाना खर्च हो रहा है। अब तक 22 हजार से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं। औसतन एक हफ्ते के लिहाज से देखें तो करीब 30 करोड़ से ज्यादा का खर्च सिर्फ इलाज में हुआ है। हालांकि आपदा राहत फंड से मिली रकम केवल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुडे प्रबंधों पर ही खर्च के लिए रही है। मरीजों की बढ़ती तादाद के मद्देनजर अब तक 168 से ज्यादा कोविड केयर सेंटर बनाए जा चुके हैं। इंडोर स्टेडियम का सेटअप ही 60 लाख रुपए में बना है।
"विभाग ने सभी जिलों से और हेल्थ विभाग से आपदा मद के जरिए मिली करीब 115 करोड़ की राशि के खर्च का हिसाब मांगा है। केंद्र को ये जानकारी भेजी जानी है।"
-एके पिल्लई, अधीक्षक, राज्य आपदा प्रबंधन
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/the-state-asked-for-325-crore-for-corona-center-said-first-give-an-account-of-120-crores-127656680.html
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