राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 63 नए थाने और चार बटालियन के निर्माण के लिए मंजूरी तो दे दी है, लेकिन फंड ही उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस वजह से अब तक काम की भी शुरुआत नहीं हो सकी है। नए थाने व बटालियन के अलावा मेंटेनेंस के कुछ कार्यों समेत 350 करोड़ के काम के लिए महज दस करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। ऐसे में टेंडर भी नहीं मंगाए जा रहे हैं।
पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन को नए थाने व बटालियन के काम के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन कई महीने तक फंड ही नहीं दिया गया। इस बीच कोरोना की वजह से करीब ढाई-तीन महीने टेंडर की प्रक्रिया भी नहीं हो पाई। अब जाकर महज दस करोड़ जारी किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक कोरोना के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। जिन कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन काम शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें जारी करने के लिए वित्त विभाग की नए सिरे से मंजूरी जरूरी कर दी गई है। इसका असर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के थानों आदि मामलों में भी पड़ रहा है।
नई डिजाइन पर काम
कॉर्पोरेशन द्वारा केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक नई डिजाइन से निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ के प्रमुख आर्किटेक्ट के अलावा दूसरे राज्य से भी आर्किटेक्ट बुलाए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के सीनियर अफसरों की मौजूदगी में आर्किटेक्ट प्रेजेंटेशन देंगे।
300 क्वार्टर हो गए तैयार
पिछले कुछ महीनों में जवानों के लिए करीब 300 क्वार्टर तैयार किए गए हैं। रायपुर में कुछ प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। बीजापुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा में 7 थानों के काम पूरे किए गए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से अटकी सड़कें बन गई है।
"कोरोना की वजह से मजदूरों की कमी आ रही है। लॉकडाउन से पहले बड़ी संख्या में क्वार्टर, थाने और सड़कें बनी हैं। 63 थाने व चार बटालियन के टेंडर के लिए पर्याप्त फंड नहीं था, इसलिए प्रक्रिया शुरू करने में देर हुई। हालांकि अब काम शुरू कर दिया गया है।"
-पवन देव, सीएमडी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/350-crore-works-approved-only-10-crore-63-police-stations-and-4-battalions-got-stuck-127616327.html
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