कोरोना संक्रमण के शुरू होने पर अप्रैल और मई में आयुर्वेदिक काढ़े की मांग शुरू हुई। जुलाई के बाद से मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद आयुर्वेदिक अस्पताल में काढ़े की डिमांड बढ़ गई है। अस्पताल में सीजीएमएस ने जितना स्टॉक सालभर के लिए भेजा था वह डेढ़ माहे में खत्म हो गया। आयुर्वेद हॉस्पिटल के डॉक्टरों कहना हैं कि शहर में संक्रमण खतरा ऐसा बढ़ा है, इसे देखते हुए हर वार्ड में पार्षद काढ़ा बटवाना चाहते हैं। डॉक्टर संक्रमण के खतरे को देखते हुए हर वार्ड में इम्यूनिटी बूस्टर दवा बंटवाने की तैयारी कर रहे हैं।
अब तक शहर के आठ वार्डों और पांच गांवों में सरपंचों और पार्षदों के जरिए लोगों को बांटा जा चुका है। मेयर जानकी काटजू ने कहा है कि रायपुर से एक-दो दिनों में इम्यूनिटी बूस्ट करने वाली दवाएं मंगवा कर शहर में बंटवाएंगे। इसके लिए कुछ पार्षदों ने भी डिमांड रखी है। आयुर्वेद हॉस्पिटल के डॉ. नीरज कुमार मिश्रा ने बताया कि इन दवाइयों से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे आसपास कोरोना संक्रमित रोगी हों तो भी उनसे संक्रमण की आशंका कम होती है।
4 हजार घरों में बंटवाया आयुर्वेदिक काढ़ा
आयुर्वेद अधिकारी डॉ जीएस पटेल ने बताया कि आयुर्वेद हॉस्पिटल में गुडुच्यादी क्वाथ, संशमनी वटी, आयुष क्वाथ वटी, त्रिकटू चूर्ण जैसी दवाएं बड़ी मात्रा में मई और जुलाई में आई थी। इन दवाओं का जितना स्टॉक भेजा गया था वह सालभर के लिए था लेकिन ये दवाएं खत्म हो चुकी हैं। सीजीएमएस से तुरंत दवाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। एक मरीज को ये दवा 100 से 200 ग्राम तक दी जाती है। शहरी क्षेत्र में हॉस्पिटल को छोड़कर 4 हजार लोगों के घरों में जाकर यह दवाएं बांटी हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/councilors-are-also-distributing-the-stock-of-the-year-in-one-and-a-half-months-in-the-wards-127646690.html
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