भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला... नंद के घर आनंद भयो, गूंजा- जय कन्हैया लाल की; आजादी से पहले के थाने में प्रकटे भगवान

शहर के प्रचीन मठ और मंदिर में बांके बिहारी लाल की जय...वाले जय कारे सुनने को मिल रहे हैं। घंटियों और भजनों की ध्वनि के बीच शहर में जय कन्हैया लाल की गूंज रहा है। आधी रात सभी जगहों पर भगवान कृष्ण का अभिषेक और विशेष पूजा की जा रही है। टाटीबंध के इस्कॉन, पुरानी बस्ती के जैतू साव मठ और दूधाधारी मठ, समता कॉलोनी के राधा कृष्ण मंदिर से एक ही स्वर में रात के 12 बजते ही जय कारा गूंजा- नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की।

तस्वीर दूधाधारी मठ रायपुर की है। भगवान की प्रतिमा को सोने के आभूषणों से सजाया गया है। साल में रामनवमी और जन्माष्टमी के मौके पर ही यह स्वर्ण श्रृंगार होता है।
टाटीबंध के इस्कॉन मंदिर में दिन भर कीर्तन और भजन के कार्यक्रम होते रहे। यह रात के 12 बजे तक जारी रहेंगे। हरे रामा हरे कृष्णा गाते हुए भक्त मस्ती में झूम रहे हैं। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया जा रहा है।

दूधाधारी मठ में भगवान की प्रतिमा को सोने के आभूषणों से सजाने की वजह से मंदिर को रात के 12 बजे ही खोला गया। मंदिर के खुलते ही शंख की ध्वनि गूंजी। चूंकि कोरोना संक्रमण का खतरा अब भी मंडरा रहा है, लिहाजा भीड़ इस बार शहर में कम नजर आई। मगर जन्माष्टमी के उत्साह में कोई कमी नहीं रही। घरों में भी ज्यादातर लोगों ने विधि विधान से पूजा की।

तस्वीर रायपुर की है। इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर हर साल विशेष पूजा का आयोजन होता है।
तस्वीर रायपुर की है। इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर हर साल विशेष पूजा का आयोजन होता है।

भजनों के साथ हुई कार्यक्रम की शुरूआत
टाटीबंध के इस्कॉन मंदिर में दिन भर कीर्तन और भजन के कार्यक्रम होते रहे। यह रात के 12 बजे तक हरे रामा हरे कृष्णा गाते हुए भक्त मस्ती में दिखे। राधाकृष्ण मंदिर, समता काॅलोनी में इस बार कोई भजन कार्यक्रम नहीं हुआ। यहां लोगों को 1 बार में 1 व्यक्ति को ही दर्शन की अनुमति थी। जैतू साव मठ में भी भगवान के अभिषेक के बाद आरती की गई।

रायपुर स्थित जैतुसाव मठ में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में उमड़े भक्तजन। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार बड़े कार्यक्रम का आयोजन नहीं हुआ। वहीं भक्तों का प्रवेश भी सीमित रूप से ही हुआ।
रायपुर स्थित श्री गोपाल मंदिर सदर बाजार में पहुंचे भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया और पूजन किया।

सिटी कोतवाली थाने में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

रायपुर के सिटी कोतवाली के लॉकअप को उसी कारागार का रूप दिया गया जिसमे पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। नंद बाबा बने कलाकार ने छोटी सी टोकरी में उन्हें अपने सिर पर रखकर निकले। आयोजक माधव लाल यादव ने बताया कि 1802 में बने इस अंग्रेजों के जमाने की थाने में 4 सालों से किया जा रहा है।

रायपुर के सिटी कोतवाली के लॉकअप को उसी कारागार का रूप दिया गया जिसमे पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। नंद बाबा बने कलाकार ने छोटी सी टोकरी में उन्हें अपने सिर पर रखकर निकले।

असल कथा के मुताबिक भगवान का जन्म कारागार में ही हुआ था इसलिए शहर के इस थाने में कम्युनिटी पुलिसिंग के अभियान के तहत इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई जो बदस्तूर जारी है। थाने के बाहर आते ही हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की के नारे भी गूंजते रहे



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तस्वीर रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर की है। फूलों से भगवान का विशेष श्रृ़ंगार किया गया है।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/janmashtami-festival-in-raipur-special-preparation-in-every-temple-chhattisgarh-janmashtami-127611106.html

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